हल्द्वानी। उत्तराखण्ड विधानसभा चुनाव का बिगुल बज चुका है। राज्य की दो सबसे मजूबत राजनीतिक पार्टिया यानी कांग्रेस और भाजपा ने एक दूसरे पर आरोप लगाना शुरू कर दिया है। एक तरफ सत्ता में बैठी कांग्रेस भाजपा पर हरक सिंह रावत और मार्च में विधानसभा भंग करने का आरोप लगाते हुए अपना वोट बैंक बनाने की कोशिश में लगा है। दूसरी ओर भाजपा राज्य सरकार की पिछले 5 सालों की नाकामी पर बहस कर रहा है। दोनो ही पार्टिया चुनाव प्रचार से पहले चुनावी हवा को अपनी ओर करने के फिराक में है।

इसी को देखते भाजपा ने हल्द्वानी में रविवार को कुंमाऊ स्तरीय मीडिया वर्कशाप का अायोजन किया। जिसका उद्घाटन प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट द्वारा हुआ। इस मौके पर मौजूद प्रदेश प्रवक्ता मुन्ना सिंह चौहान और अनिल कपूर सहित तमाम प्रदेश पदाधिकारियों ने विधानसभा प्रभारियों को मीडिया से तालमेल बैठाने का मंत्र दिया। उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा कि जो भी कार्य वो करे वो एक दायरे में हो और उनके आचरण से किसी को ठेस ना पहुंचे। पत्रकारों से बात करते हुए प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट ने कहा कि  9 अगस्त से शुरू हो रही बीजेपी की शुरू  पर्दाफाश रैली अब 15 अगस्त के बाद होगी शुरू होगी। उन्होंने कहा कि  पर्दाफाश रैली  17 अगस्त को कोटद्वार से शुरू होगी।

प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि इस रैली का लक्ष्य पार्टी की रणनीति के साथ राज्य सरकार की नाकामी राज्य की आवाम तक पहुंचाना है। इसके अलावा प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट ने प्रदेश सरकार से कहा है नए जिले बनाने के विषय में हो रहे विवाद को एक बार  पक्ष-विपक्ष बैठ कर एक निर्णय ले। उन्होंने कहा कि इस तरह के मुद्दे आपसी सहमती से बने तो वो राज्य के हित में होगा।

दूसरी ओर राष्ट्रीय प्रवक्ता अनिल बलूनी ने मुख्यमंत्री हरीश रावत निशाना साधते हुए उन पर गंदी राजनीति करने का आरोप लगाया है।उन्होंने कडे शब्दों में कहा कि हरीश रावत को काम से ज्यादा सीएम की कुर्सी से प्यार है। उन्होंने अपने कुर्सी के स्वार्थ के लिए  न तो पूर्व मुख्यमंत्री नारायण दत्त तिवारी को काम करने दिया और न ही विजय बहुगुणा । उन्होंने कहा  मुख्यमंत्री बनने के बाद राज्य की सुधार की बजाय वो केन्द्र सरकार की कमियां गिना रहे है।