उत्तराखण्ड के सुनील भट्ट को मिले इंसाफ, गुरुग्राम सहित देश के कई शहरों में प्रदर्शन

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नई दिल्ली: गुरुग्राम से हरिद्वार जाते वक्त अपहरण, लूट के बाद हत्या मामले में गुरुग्राम में जोरदार प्रदर्शन हुए . प्रदर्शन में करीब 500 लोग शामिल हुए . हाथों में हत्यारों को फांसी दो और वी वांट जस्टिस की तख्ती लिए लोग निकले . राजीव चौक से गुरुग्राम पुलिस कमिश्नर दफ्तर तक कैंडिल मार्च निकला .
उत्तराखंड के अलग अलग इलाकों से आकर दिल्ली, नोएडा, गुरुग्राम में नौकरी करने वाले कई लोग इस प्रदर्शन में शामिल हुए .. साथ ही गुरुग्राम के स्थानीय लोगों और दूसरे राज्यों से आकर नौकरी कर रहे लोगों ने भी सुनील को जल्दी न्याय दिलाने की मांग की । 
प्रदर्शन कर रहे लोगों की तीन अहम मांगें थी . पहली हत्यारों को फांसी मिले. दूसरा डैनसो इंडिया प्राइवेट लिमिटेड परिवार को आर्थिक मदद दे , और मारे गए सुनील की पत्नी को नौकरी दे. तीसरा चूंकि सुनील गरीब परिवार का इकलौता सहारा थे। उनकी 4 महीने की बच्ची , 26 साल की विधवा पत्नी, एक बहन जिसकी शादी होनी है, 2 भाई जो स्कूल में पढ़ते हैं और बूढ़े माता -पिता आर्थिक रूप से सुनील पर निर्भर थे। इसीलिए तीसरी मांग है कि उत्तराखंड सरकार आर्थिक मदद के साथ सुनील की पत्नी को नौकरी दे । जोरदार नारेबाजी और हाथों में कैंडल लिए मार्च कुछ देर तक कमिश्नर दफ्तर के गेट पर जमा रहा . प्रदर्शनकारी लोगों ने कमिश्नर को ज्ञापन भी सौंपा।
शाम 5:30 बजे कैंडल मार्च गुरुग्राम के राजीव चौक से चला और 6:30 बजे कमिश्नर दफ्तर पर खत्म हुआ .
मार्च देशव्यापी था. गुरुग्राम के अलावा उत्तराखंड के हरिद्वार में भी कैंडल मार्च में करीब 400 लोग पहुंचे. ठीक इसी वक्त इन्हीं मांगों के साथ अहमदाबाद, वडोदरा, मुम्बई , दीव, पुणे,चम्पावत और उदयपुर में भी लोगों ने कैंडल जलाकर प्रदर्शन किया।