हल्द्वानी: आंखों पर काली पट्टी बाधकर किसी रंग औक वस्तु के पहचानना मुश्किल होता है। लेकिन देहरादून में रहनी वाली लक्षिता के लिए ये बहुत आसान है। वह अपनी आखों में काली पट्टी बाधकर भी आसानी से कोई भी रंग पहचान लेती है। इसके अलावा काली पट्टी की रुकावत के बाद भी किताबे भी पढ़ लेती है। लक्षिता की ये शक्ति लोगों को सकते में डाल रही है। लक्षिता शहर के डायनमो ब्रेन बूस्टर स्कूल की छात्रा है।स्कूल शिक्षकों ने लक्षिता की इस कला को पत्रकारों को सामने रखवाया। लक्षिता ने बड़ी आसानी से  तीन अलग-अलग रंग की गेंद पकड़ाई। लक्षिता ने सभी गेंदों के रंग पहचान कर बता दिए।

इतना ही नहीं, लक्षिता ने आंखों पर पट्टी होने के बावजूद प्रेस कार्ड पर अंकित हर अक्षर को चुटकियों में पढ़ डाला, जिससे सभी चकित रह गए। लक्षित ने बताया कि इस काम के लिए उन्हें कोई खास प्रयास नहीं करना पड़ता, सबकुछ आसानी से हो जाता है।सुमन ने बताया कि उनके स्कूल में लक्षिता जैसे ही कई और छात्र भी तैयार किए जा रहे हैं। यह काम मिडब्रेन एक्टिविटी तकनीक से किया जा सकता है। इस तकनीक से बच्चों की याद्दाश्त, एकाग्रता, सृजनशीलता और आत्मविश्वास तेजी से बढ़ता है। इस अवसर पर आरुषी, शिवि, संगीता अरोड़ा, किरन कश्यप आदि मौजूद रहे।

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