खिताब जीतने के बाद कोच द्रविड़ ने खुद को 50 लाख के इनाम पर उठाए सवाल, जानिए क्यों

 

 

नई दिल्ली: न्यूजीलैंड में अंडर-19 क्रिकेट विश्वकप जीतकर इतिहास रचने वाली टीम इंडिया पर बीसीसीआई ने धन वर्षा कर दी है। बोर्ड ने टीम के प्रत्येक खिलाड़ी को 30 लाख रुपए, कोच राहुल द्रविड को 50 लाख रुपए और सपोर्ट स्टाफ को 20 लाख रुपए इनाम की घोषणा की थी। टीम के कोच राहुल द्रविड़ ने इन इनामी राशि पर बयान दिया है।

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मीडिया में आई खबर के अनुसार कोच राहुल द्रविड के अनुसार पूरे सपोर्टिंग स्टाफ को बराबर पैसा मिलना चाहिए था। उन्होंने कहा कि टीम को विश्वकप का खिताब दिलाने के लिए सभी ने बराबर की मेहनत की है और मुझे सबसे ज्यादा पैसा मिलना सही नहीं है। खबर ये भी आ रही है कि सपोर्ट स्टाफ को मिली इनामी राशि से राहुल द्रविड खुश नहीं है। उन्हें ये कम नजर आता है। सूत्रों की माने तो राहुल द्रविड़ ने बीसीसीआई को अनुरोध किया है कि सभी सदस्यों को बराबर इनामी राशि दी जाए, क्योंकि टीम को चैंपियन बनाने में सबने बराबर ही मेहनत की है। आपको बता दें कि हेड कोच राहुल द्रविड़ के अलावा टीम के अन्य सपोर्टिंग स्टाफ में गेंदबाजी कोच पारस म्हाब्रे, फील्डिंग कोच अभय शर्मा, फिजियोथेरैपिस्ट योगेश परमार, ट्रेनर आनंद दाते और वीडियो एनालिस्ट देवराज राउत भी शामिल थे।

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राहुल द्रविड ने अपना बडप्पन दिखाते हुए कहा कि ये जीत एक टीम वर्क है। खिलाड़ियों ने अपने प्रदर्शन से ये खिताब जीता। कोच को खिताब जीतने का असली कारण करार देना उचित नहीं है। बता दे कि भारत ने पृथ्वी शॉ की कप्तानी में चौथी बार अंडर-19 विश्वकप को अपने नाम किया। इससे पहले भारत ने साल 2000, 2008 और 2012 में अंडर-19 विश्वकप का खिताब अपने नाम किया है। भारत ने फाइनल मुकाबले में ऑस्ट्रेलिया को 8 विकेट से मात दी। भारत ने साल 2012 के फाइनल में ऑस्ट्रेलिया को ही मात दी थी। 2012 में भारतीय टीम की कप्तानी उन्मुक्त चंद के हाथ में थी। वहीं 2000 में मोहम्मद कैफ और 2008 में विराट कोहली खिताब को भारत की झोली में डालने में कामयाब हुए थे।