नई दिल्ली : ऑटो एक्सपो 2018 ग्रेटर नोएडा में 9 से 14 फरवरी तक शुरू होने जा रहा है। इस दौरान करीब 50 से अधिक इलेक्ट्रिक और हाइब्रिड वाहनों को पेश किया जाएगा। इस इवेंट के दौरान पता चलेगा कि भारत के महत्वाकांक्षी लक्ष्य के लिए कंपनियों की प्रतिबद्धता किस तरह होगी। इनमें से कुछ मॉडल्स ऐसे होंगे जिन्हें अगले 3 से 4 वर्षों में सड़कों पर उतारा जाएगा।

ऑटो एक्सपो 2018 में इलेक्ट्रिक व्हीकल को बड़े पैमाने पर डिस्पले जाएगा। ये सभी प्रोडक्ट्स भारत के लिए ही होंगे । ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री ने अब इलेक्ट्रिक वाहनों को लेकर सरकार की दिशा को गंभीरता से लिया है, ताकि वाहनों के प्रदूषण को कम करने और कच्चे तेल के आयात पर बिल को खत्म करने के लिए सड़कों पर साल 2030 तक इलेक्ट्रिक वाहनों को चलाया जाएगा।

 

 

मारुति सुजुकी ऑटो एक्सपो के दौरान अपनी फ्यूचरिस्टिक कॉन्सेप्ट ई-सर्वाइवर को पेश करेगी। कंपनी इस किफायती कार को 2020 तक लॉन्च करेगी। कोरियन कंपनी भारत में अपनी पहली इलेक्ट्रिक कार 2019 को लॉन्च करेगी, यह मारुति सुजुकी के लॉन्च से एक साल पहले है।

घरेलू  निर्माता महिंद्रा एंड महिंद्रा और टाटा मोटर्स ने पहले ही ऑटो एक्सपो में अपने दर्जन भर इलेक्ट्रिक वाहनों को पेश करने की घोषणा की थी। इसके अलावा टोयोटा किर्लोस्कर मोटर्स भी अपने इलेकट्रिक वाहन पेश करेगी, जिनमें दो हाइब्रिड और एक प्लग इन हाइब्रिड कार होगी।

वहीं, किया मोटर्स भी एक पूरी तरह इलेक्ट्रिक वाहन और दो प्लग-इन हाइब्रिड वाहनों को पेश करेगी।। हुंडई ने भी कहा है कि वह अपनी 2018 i-20 को ऑटो एक्सपो के दौरान लॉन्च करेगी, लेकिन इस नए मॉडल में कुछ खास नहीं होगा, हल्के फीचर्स के साथ इसे 2017 मॉडल जैसा ही लॉन्च किया जाएगा। इसमें इतना उत्साह नहीं देखने को मिलेगा जितना की इलेक्ट्रिक और हाइब्रिड कारों को लेकर देखा जाएगा।

लोगों का मानना है कि इस बार का ऑटो एक्सपो खास होगा क्योंकि इलेक्ट्रिक वाहनो को लेकर सरकार की कई योजनाए हैं ।