चालान और कैमरे की रिकार्डिग में सीपीयू कर्मियों द्वारा की गई छेड़छाड़, दो को हटाया

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देहरादून: वाहन चलाने वालों को हेलमेट पहनना सिखाने वाली सीपीयू की तारीफ होती है। उनकी तैनाती के बाद से दुपहिया वाहन हादसों में होने वाली मौतों की संख्या कम हो गई है। लेकिन इस बार सीपीयू किसी ओर कारण से खबर में है। दरअसल चालान और कैमरे की रिकार्डिग में छेड़छाड़ करने के आरोप में सीपीयू के दारोगा और सिपाही पर गाज गिरी है। दोनों को सीपीयू से हटाते हुए मूल तैनाती पीएसी में भेज दिया है। इस मामले के बाद सीपीयू कर्मियों को ऐसी शिकायत मिलने पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।

मामला ऊधमसिंह नगर का है। दारोगा भगवंत सिंह राणा और सिपाही वीरचंद्र सिंह लोहानी के खिलाफ चालान और कैमरे की रिकार्डिग में छेड़छाड़ के आरोप लगे थे। इस पूरे मुद्दे की जांच चल रही थी। ये रिपोर्ट एसएसपी ऊधमसिंहनगर द्वारा पोर्ट यातायात निदेशालय को भेजी थी। यहां यातायात निदेशक केवल खुराना ने मामले में जांच कराई तो पूरा मामला सही निकला। इसके बाद यह मामला डीजीपी के पास पहुंचा।

डीजीपी ने लिया एक्शन

डीजीपी अनिल रतूड़ी के निर्देश के बाद यातायात निदेशक ने दारोगा और सिपाही को सीपीयू से हटाने के आदेश जारी कर दिए हैं। दोनों को मूल तैनाती पीएसी में वापस भेज दिया है। इस मामले के बाद पूरे प्रदेश की सीपीयू में तैनात पुलिस कर्मियों को चेतावनी दी गई कि चालान और कैमरे में छेड़छाड़ की और ड्यूटी के दौरान लापरवाही बरती तो उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

यातायात निदेशक केवल खुराना ने ज्यादा जानकारी देते हुए बताया कि उन्हें दिसंबर में 12 सीपीयू कर्मियों के खराब प्रदर्शन की रिपोर्ट मिली थी। इन सब सीपीयू कर्मियों को कार्यप्रणाली में सुधार के निर्देश दिए गए थे। मगर इनकी कार्यप्रणाली में कोई सुधार नजर नहीं आया है इसलिए इन सभी 12 सीपीयू कर्मियों को इसी माह हटाया जाएगा। इनकी जगह टेनिंग कर रहे नए पुलिस कर्मियों को शामिल किया जाएगा। उन्होंने बताया कि हर सीपीयू कर्मी के प्रदर्शन पर नजर रखी जाएगी।