बेंगलूरू- भारत ने इंग्लैंड को टी-20 सीरीज के फाइनल मैच में 75 रनों से हराया। इस जीत के साथ भारत ने टी-20 सीरीज 2-1 से अपने नाम की। भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 6 विकेट के नुकसान पर 202 रन बनाए। पहले बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम की शुरूआत खराब रही ।  कप्तान विराट कोहली केवल 2 रन बनाकर आउट हो गए। लेकिन उसके बाद भापतीय बल्लेबाजों ने इंग्लैंड के गेंदबाजों की जमकर धुनाई की।  भारत की ओर से राहुल 22, रैना 63, धोनी 56 , युवराज 27 , ऋषभ 5 और हार्दिक ने 11 रन बनाए। भारत के पूर्व कप्तान एम एस धोनी ने टी-20 करियर की पहली फिफ्टी बनाई। इससे पहले धोनी का बेस्ट स्कोर 48 था जो उन्होंने 2012 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ बनाया था।

 

203 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी  इंग्लैंड की शुरूआत खराब रही और सेन बिलिंग्स शून्य पर आउट हो गए। लेकिन उसके बाद जेसन रॉय और जॉ रूट दूसरे विकेट के लिए 47 रनों की साझेदारी कर इंग्लैंड की जीत की नीव रख डाली । जेसन रॉय 32 रन बनाकर अमित मिश्रा का शिकार हुए। दूसरे विकेट के गिरने के बाद बल्लेबाजी करने आे मॉर्गन तेजी से बल्लेबाजी करने लगए और भारतीय टीम दवाब में आती दिखी लेकिन तभी शुरू हो गया युजुवेंद्र चहल का जादू।  चहल ने 40 रनों पर खेल रहे कप्तान मॉर्गन को आउट कर मैच का रुख ही बदल दिया। इंग्लैंड के अतिंम 8 विकेट 8 रनों के भीतर गिर गए उसमें से पांच चहल ने लिए। मेहमान टीम 16.3 ओवर में केवल 127 रन ही बना सकी। इंग्लैंड की ओर से  रूट 42, स्ट्रोक्स 6 , मोइन अली 2 बनाए। वही  पल्किंट 0 , जॉर्डन 0, मिल्स 0 और बटलर खाता खोलनें में भी नाकाम रहे। गेंदबाजी में चहल ने 4 ओवर में 25 रन देकर 6 विकेट लिए। इंटरनेश्नल टी-20 क्रिकेट इतिहास में तीसरा मौैका है जब किसी गेंदबाज ने 6 विकेट लिए । इससे पहले श्रीलंका के अजंका मेंडिस ने 2 बार  6 विकेट लिए थे।  वही बुमरहा को 3 और अमित मिश्रा को एक विकेट मिला।  टी-20 सीरीज़ में शानदार गेंदबाजी करने वाले चहल को मैन ऑफ द मैच और मैच ऑफ द सीरीज से नवाज़ा गया ।

बता दे इससे  पहले भारत ने टेस्ट सीरीज़ में  इंग्लैंड को 4-0 और वनडे सीरीज़ में 2-1 से हराया था।