हरिद्वार: उत्तराखण्ड विकास के मार्ग पर चल रहा है। कोई भी क्षेत्र युवा अपनी भागेदारी पेश कर रहे है। राज्य में कुछ प्रशासनिक अधिकारी ऐसे भी है जो अपनी कार्यशैली से लोगों को स्वच्छ संदेश देते है। हरिद्वार जिले के डीएम दीपक रावत की कार्यशैली भी कुछ ऐसी ही है। अब डीएम साहब छात्रों को स्कूल के बाद होने वाली परीक्षाओं के लिए तैयार करेंगे। डीएम दीपक रावत और मुख्य विकास अधिकारी स्वाती एस भदौरिया ने जिले के प्रतिभावान निर्बल वर्ग के छात्रों के लिए निशुल्क कोचिंग संस्थान संचालित करने की नई पहल की शुरूआत की है।

इस पहल के तहत मध्य वर्ग के छात्रों को बड़े शहर जाकर कोचिंग करने की जरूरत नहीं होगी। कोचिंग संस्थान में जिला प्रशासन की ओर से चयनित प्रतिभावान छात्रों को विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कराई जाएगी। इस मौके को कोई छात्र अपने हाथ से जाने नहीं देना चाहता है। जो उन्हें प्रेरणा देते है वहीं उनके शिक्षक भी हेंगे। कोचिंग संस्थान में प्रवेश पाने के लिए सैकड़ों छात्रों ने बुधवार को पन्नालाल भल्ला इंटर कॉलेज में प्रवेश परीक्षा दी। जनपद के विभिन्न हिस्सों से छात्र यहां परीक्षा देने पहुंचे। इसके लिए पहले बैच में 60 छात्रों का सलेक्शन किया जाएगा।

परीक्षा के दौरान सीडीओ स्वाती एस भदौरिया स्वयं परीक्षा स्थल का दौरा करने पहुंचीं। स्वाति भदौरिया ने कहा कि प्रवेश परीक्षा का परिणाम आते ही प्रशिक्षकों के साक्षात्कार की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी जाएगी। कोचिंग कक्षाएं पन्नालाल भल्ला इंटर कॉलेज में चलाई जाएंगी। इसके लिए तीन कक्षों का चयन किया गया है। सीडीओ ने इन कक्षों का भी अवलोकन किया। इनकी सफाई, रंगाई व विद्युत व्यवस्था के लिए प्रधानाचार्य ओपी गोनियाल को निर्देशित किया। इनमें से एक कक्ष को लाइब्रेरी तथा अध्ययन कक्ष के रूप में विकसित किया जाएगा। छात्र-छात्रों के शिक्षा के लिए काफी गंभीर है। ये पहल उन विद्यार्थियों के लिए संजीवनी जो अपने लक्ष्य को हासिल करने की कोशिशों में जुटे है।