नई दिल्ली। केरल का प्रसिद्ध पद्मनाभस्वामी मंदिर एक बार फिर विवादों में आ गया है। इस बार मंदिर के खजाने में से 186 करोड़ रुपए का सोना गायब होने की बात सामने आई है। पूर्व नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (सीएजी) विनोद राय कमिटी ने सुप्रीम कोर्ट में अपनी रिपोर्ट दाखिल की है। इस रिपोर्ट में मंदिर के प्रशासन पर वित्तीय गड़बड़ियों का आरोप भी लगाया गया है।

सूत्रों के मुताबिक, करीब 1000 पन्नों की रिपोर्ट में कहा गया कि 776 किलो वजन के सोने के बर्तन गायब हैं। अक्टूबर 2015 में सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद विनोद राय ने मंदिर का ऑडिट किया था। ऑडिट में सोने के बर्तनों के गायब होने का पता चला। रिपोर्ट में बताया गया है कि पद्मनाभस्वामी मंदिर से 186 करोड़ का सोना गायब हो गया है। राय ने इस इन गड़बडिय़ों के लिए एक कमिटी बनाने की भी सिफारिश की।

रिपोर्ट के मुताबिक, मंदिर में 14.18 लाख रुपये का सोना और चांदी नादवारव रजिस्टर में दर्ज नहीं है जो कि गैरकानूनी है। मंदिर के ट्रस्ट पर 1970 में भी गैरकानूनी तरीके से 2.11 एकड़ जमीन को बेचने का आरोप लगा था। रिपोर्ट में मंदिर के खर्चों में अचानक हुई वृद्धि को भी असामान्य बताया गया है। मालूम हो, पद्मनाभस्वामी मंदिर भारत के सबसे अमीर मंदिरों में से है। इस मंदिर में मौजूद सोना, चांदी और हीरों की कीमत एक लाख करोड़ रुपये बताई गई है।