तू मेरे लिये

अपना खयाल

कुछ इस तरह

से रख !

खुद की जान और

तन-मन को

मेरी जान

मेरा तन-मन

समझकर

बड़े ढंग से

बड़े अदब से

सम्हाल कर रख !