नई दिल्ली। नरसिंह यादव के लिए पिछला एक माह किसी बुरे सपने की तरह साबित हो रहा है। डोप के केस में फंसे यादव को पहले क्लीन चिट मिलने के बाद मैच से पहले एक बार फिर बैन कर दिया है। विश्व की सबसे बड़ी खेल अदालत-कोर्ट फॉर अर्बिट्रेशन फॉर स्पोर्ट (सीएएस) ने भारतीय पहलवान नरसिंह यादव को डोपिंग मामले में क्लीन चिट दिए जाने के खिलाफ दायर विश्व डोपिंग निरोधी एजेंसी (वाडा) की अपील को स्वीकार कर लिया है।

वाडा ने नरसिंह यादव को डोपिंग का आरोपी बताते हुए नाडा की उस क्लीन चिट के खिलाफ अपील की थी जिसमें उसे आरोप मुक्त कर दिया था। नरसिंह को राष्ट्रीय डोपिंग निरोधी एजेंसी (नाडा) ने आरोपी बताते हुए 4 साल बैन की अपील भी की थी। इसके ज्वाब में सीएएस ने वाडा की अपील स्वीकार कर ली है। इसके साथ ही अब  नरसिंह का भविष्य अंधकारमय नजर आ रहा है और वो अब रियो ओलम्पिक में हिस्सा नहीं ले पाएंगे।

रियो में भारतीय प्रतिनिधिमंडल के प्रमुख राकेश गुप्ता ने सुनवाई के बाद दुख जाहिर करते हुए इससे नरसिंह यादव का  दुर्भाग्य करार दिया।उन्होंने कहा कि हमें उम्मीद थी कि नरसिंह को क्लीन चिट मिल जाएगा लेकिन ऐसा हो नहीं सका। यह बेहद दुखदाई है क्योंकि नरसिंह में पदक जीतने का प्रबल दावेदार है।

सीएएस के एडहॉक डिविजन ने गुरुवार को वाडा की अपील पर सुनवाई के लिए बैठक करते हुए नरसिंह यादव को चार साल का प्रतिबंध लगाने का फैसला किया। नाडा ने बीते महीने नरसिंह को प्रतिबंधित दवाओं के सेवन के आरोपों से बरी कर दिया था।  इसके बाद अंतर्राष्ट्रीय कुश्ती महासंघ ने नरसिंह को ओलम्पिक में हिस्सा लेने की हामी भर दी थी। बता दे कि नरसिंह को 19 अगस्त को अपने रियो ओलंपिक का आगाज करना था लेकिन रियो में पदक जीतने का उनका सपना बड़ी बुरी तरह से बिखर गया।