हल्द्वानी। रियो ओलंपिक की उलटी- गिनती शुरू हो गई है। हर खिलाड़ी देश और अपने लिए पदक हासिल करने की कोशिशों में जुटा हुआ है। रियो ओलंपिक में देश का प्रतिनिधित्व करना किसी भी खिलाड़ी के गौरव की बात होती है और  इसीलिए हर खिलाड़ी मिले हुए मौके को भुनाना चाहता है। भारत के लिए पिछले दो ओलंपिक शानदार रहे है बीजिंग में 3 और लंदन में 6 पदक हासिल हुए । भले ही पदकों की गिनती कम रही हो लेकिन भारतीय फैंस की ओलंपिक  को उत्सुकता और राष्ट्रीय खेलों में भारतीय खिलाड़ियों के प्रदर्शन ने दिखा दिया कि 2016 रियो ओलंपिक  में इतिहास जरूर लिखा जाएगा। भारत के लिए रियो में अपना दम दिखाने के लिए तैयार खिलाड़ियों की सूची में 4 नाम देवभूमि उत्तराखण्ड के खिलाड़ियों के भी है। ये पल पूरे राज्य के लिए सम्मान की बात है कि विश्व के सबसे बड़े खेल प्रतियोगिता में राज्य के खिलाड़ी भी देश की कमान संभालेंगे। मनीष रावत,नितेंद्र सिंह रावत, गुरमीत सिंह और वंदना कटारिया ने राज्य के अन्य खिलाड़ियों के सामने उदाहरण के तौर पर एक मिसाल पेश की है। ओलंपिक  में जाने वाले 4 खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाने के लिए राज्य सरकार ने अपना इनामी ख़जाना भी खोल दिया है। रियो ओलंपिक में जा रहे खिलाड़ियों को सरकार ने इनाम के तौर पर 5-5 लाख रुपए देने का ऐलान किया है। इसके साथ ही ओलंपिक में स्वर्ण पदक हासिल करने वाले  खिलाड़ी को 1.5 करोड़ रुपए देगी। वही रजत पदक हासिल करने वाले खिलाड़ी को 1 करोड़ और कांस्य पदक जीतने वाले खिलाड़ी को 50 लाख रुपए दिए जाएंगे। सरकार के इस फैसले की प्रशंसा हर जगह हुई है क्योंकि इस तरह के प्रोत्साहन से खिलाड़ियों को आगे बढ़ने की हिम्मत मिलती है।

इसके साथ सरकार ने पदक जितने वाले खिलाड़ी को राज्य में सरकार क्लास-2 में नौकरी मिलेगी। सरकार के इस फैससे से प्रदेश में राष्ट्र खेलों के एक ऊर्जा मिलेगी उसके साथ ही अ वर्षों से मेहनत कर रहे खिलाड़ियों के सपनों को रफ्तार मिलने की आसार भी बढ़ जाएंगे।देश में राष्ट्र खेलों को केवल नाम के लिए रखा जाता है वही क्रिकेट खेलने वाले खिलाड़ी करोड़ो रुपए कमाते है। इस नजर से राज्य सरकार के कदम की तारीफ होनी चाहिए।