अहमदाबाद। आनंदीबेन के इस्तीफे के बाद गुजरात में बीजेपी विधायक दल के नेता विजय रूपानी ने  मुख्यमंत्री पद संभालेंगे। वही डिप्टी सीएम नितिन पटेल होंगे। दोनों ने  राजभवन जाकर सरकार बनाने का दावा पेश किया है और शपथ ग्रहण समारोह रविवार को  होगा। इन सबके अलावा आनंदीबेन का राजभवन नहीं जाना इस बात का अंदेशा लगाया जा रहा है कि वो विजय रूपानी को मुख्यमंत्री बनाए जाने से खुश नहीं हैं।

लेकि इसके उलट सरकार बनाने का दावा पेश करने से पहले दोनों नेता आनंदीबेन का आशीर्वाद लेने पहुंचे थे और इससे आधार बनाकर बीजेपी ने पार्टी में फूट की अटकलों को खारिज कर रही है। बता दें  नितिन पटेल सबसे पहले मुख्यमंत्री पद के प्रमुख दावेदार माने जा रहा थे और खुद आनंदीबेन भी चाहती थीं कि नितिन पटेल ही अगले मुख्यमंत्री बने। लेकिन आखिरी मौके पर पार्टी अध्यक्ष अमित शाह के आशीर्वाद से विजय रूपानी को मुख्यमंत्री की कुर्सी मिल गई और नितिन पटेल को उपमुख्यमंत्री बनाया गया। विजय रूपानी के सीएम बनना इस बात के इशारा करता है कि अब  गुजरात में भी बीजेपी बड़े बदलाव करने के मूड में है। इसके साथ आनंदीबेन की पुरानी कैबिनेट में भी बड़ा बदलाव होने के संकेत मिल रहे हैं इसका अर्थ हुआ कि आनंदीबेन के नजदीकी मंत्रियों को बाहर का रास्ता दिखाया जा सकता है।