हल्द्वनी-आज रविवार है तो सोचा उत्तराखंड की राजनीति पर कुछ लिखूं,15 फरवरी को राज्य में वोटिंग होनी है। आज सब सर्मथक और कार्यकर्ता आप के घरों में चक्कर लगाएंगे, आज सोशल मीडिया पर प्रचार की जगह ज़मीन पर जाकर प्रचार करने का दिन है। पोस्ट शाम को थकान  मिटाने के दौरान लगा सकते हैं जिसका इंतज़ाम आज कल उम्मीदवारों ने खूब किया है। पर आज अगर कोई आपके घर पर उम्मीदवार वोट मांगने आए उससे पूछना कि जिन नारों और चेहरों वाले बड़े बड़े पोस्टरों और हार्डिंग से आपने शहर, कस्बे और गांव पाट दिए हैं उनका हमसे कितना वास्ता है। उनसे पूछना कि कब हमारी विधानसभा में सरकारी स्कूल खुलेंगे और जो खुले हैं उनकी सूरत कब बदलेगी? कब तक आप अपने बच्चों को अपना पेट काटकर सरकारी स्कूल में पढाने को मज़बूर रहेंगे इसके लिए वो क्या करने वाले हैं। आप लोग जब भी बीमार होते हैं तो अपने आसपास के सरकारी अस्पताल में जाते होंगे तब आपको वहां क्या नज़ारा देखने को मिलता है। क्या वहां आपको समय पर डॉक्टर मिलते हैं या आपको निराश होकर प्राइवेट हॉस्पिटल का चक्कर लगाकर महंगा ईलाज़ करवाना पड़ता है। आपके सरकारी अस्पताल में कितने योग्य डॉक्टर है कितनी सुविधाएं हैं कितनी मशीनें काम कर रही है, कितनी दवाईयां मिल रही है या फिर आप डॉक्टर के कहने पर बाहर से दवाई और रिपोर्टें लाने को मज़बूर हैं। इसके अलावा उसे बताएं आप कितने बार दिल पर पत्थर रखकर जेब की परवाह किए बिना डॉक्टर के निजी क्लीनिक पर गए हैं। इसके अलावा जो बड़ा सवाल है वो परिवहन का है आप लोगों को आए दिन किसी ना किसी काम से सफर करना पड़ता होगा उनसे पूछिए कितनी सरकारी रोडवेज बजे दिल्ली-देहरादून को छोड़कर और जगहों को लगाई गई हैं।

आप बताइए कैसे आप टैक्सी की महंगे सफर करने को मज़बूर हैं? उसका कितना बोझ आपकी जेब पर पड़ता हैं. कोई उम्मीदवार घर पर आए तो पूछिए आपके कितने बच्चों को रोज़गार स्थानीय स्तर पर मिला हो चाहे वो सरकारी हो या सरकार द्वारा की गई कोशिश से मिला है, नौजवान लड़के लड़किया जो वोट दे सकती है उन पर इनकी नजरें गढी हैं वो अपने कॉलेज की स्थिति से लेकर पलायन और रोजगार पर बात करें पूछे कब तक हम प्राइवेट कॉलेजों में पढने को महंगी फीस देंगे। आप लोग कब इस पर काम करेगें। आप उनसे सफाई पर सवाल पूछिए आपका मोहल्ला, आपका वार्ड, आपका गांव और आपका शहर क्यों साफ नहीं हैं.?आपके शहर में पार्किंग की व्यवस्था है उनसे पूछिए रोज जाम में जो आपका समय खराब होता है उस पर बात करिए. क्यों आप लोगों को सरकार लोन देने में मदद नहीं करती है पूछिए कब तक हम किराए के मकान में रहेंगे पूछिए।ये कुछ सवाल है जिस पर आप लोग गाए बगाहे परेशान होने पर बात करते हैं लेकिन फिर टाल जाते हैं। विधानसभा चुनाव आपके लिए क्यों जरुरी है जानिए और लोगों को जागरुकता करिए। सरकार किसकी बनेगी और कौन मुख्यमंत्री होगा ये खेल पार्टियों को खेलने दीजिए। आप सही उम्मीदवार चुनिए सवाल पूछकर उससे समाधान बताने को कहिए। दवाब बनाइए। उसे बताइए आपका वोट इतना सस्ता नहीं कोई भी चंद रुपयों मे उसे खरीद लेगा। कोई ठेकेदार या ग्राम प्रधान उसे कुछ लालच में आपको दिलवा देगा। इस चुनाव में मिसाल कायम कीजिए और बता दीजिए कि आप चाहें तो मिलकर क्या कर सकती हैं?अब तक आपने पार्टी देकर वोट किया इस बार उम्मीदवार देखकर अपनी हक की बात करिए असर देखिएगा।

 

 

hemraj

हेमराज चौहान- टीवी पत्रकार

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

नोट- लेख में लेखक के व्यक्तिग्त विचार है