देहरादून: देश की रक्षा के लिए एक बार फिर उत्तराखण्ड के लाल ने अपने प्राण निछावर कर दिए। उत्तराखंड का एक और लाल जम्मू-कश्मीर में आतंकियों से लोहा लेते शहीद हो गया। रविवार को जम्मू कश्मीर के राजौरी में आतंकियों ने अचानक गोली बारी शुरू कर दी। इस मुठभेड़ में चमोली जिले के जगदीश पुरोहित(34 वर्ष) आंतकियों से लोहा लेते हुए घायल हो गए। उन्हें हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया लेकिन वहां उन्होंने दम तोड़ दिया। जगदीश महार रेजीमेंट में तैनात थे।

जगदीश पुरोहित पिछले 15 साल से देश की सीमाओं की रक्षा कर रहे थे। इससे पहले वह गढ़वाल राइफल में भर्ती हुए थे।जगदीश के पिता का नाम राम पुरोहित है। पूरा परिवार गंडासू में रहता है। शहीद जगदीश का एक ढ़ेड साल का बेटा और पांच साल की बेटी है। शहीद की पत्नी बच्चों के साथ गोपेश्वर में रहती है। उसे ही सेना के अधिकारी का फोन आया और तब उनके घायल होने की जानकारी दी गर्इ थी। इस खबर के बाद घर में मातम छा गया। शहीद का पार्थिव शरीर गुरुवार दोपहर तक घर पहुंचने की संभावना है। जगदीश भले ही शहीद हो गए हो लेकिन उन्होंने अपना नाम स्वर्णिम अक्षरों में लिखवाया है। भारत मां की रक्षा के लिए जगदीश का बलिदान देवभूमि याद रखेगा।

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