सबसे पहला लोकसभा चुनाव जब बॉक्स में वोटरों ने डाले पेपर के टुकडे , फुल और सिक्के

नई दिल्लीः एक बार फिर बारत में लोकसभा चुनाव सामने आ गये है। कई पार्टियों ने अपनी तरफ से पुरा जोर लगा दिया है। अपको हर एक चुनाव याद होगा हर एक चुवान में कई भाषण , रैली और वादे करे जाते है। आज 2019 में आप देख रहे है कि कई नेता जनसभा में अपनी मरियादा भी लाग रहे है। यही कारण है कि आज का मतदाता भी सोचसमझ कर ही वोट करना चाह रहा है। पर क्या आपने सोचा है कि देश में जब सबसे पहले लोकसभा चुनाव हुए तो क्या-क्या हुआ ?

भारत में आजादी के बाद सबसे पहले 1952 में लोकसभा के चुनाव कराये गये। जिसमें भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) 364 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी के रूप में खड़ी हुई। उस समय कुल 45 प्रतिशत वोट पड़े थे, जिसका 77 प्रतिशत वोंट कांग्रेस को पड़ा और पंडित जवाहरलाल नेहरू को भारत का पहला प्रधानमंत्री घोषित किया गया। 17 अप्रैल, 1952 को गठित हुई लोकसभा ने 4 अप्रैल, 1957 तक का अपना कार्यकाल पूरा किया।

पहले चुनाव में क्या हुआ पता है ?

1952 में जब पहला लोकसभा चुनाव हुआ तो किसी भी मतदाता को पूर्ण जानकारी नहीं थी। और उस समय हर उम्मीदवार का अलग बैलट बॉक्स हुआ करता था। मतदाता जिसे भी पसंद करते थे उसके बैलट बॉक्स पर अपना बैलट पेपर डाल देते थे। पर कुछ प्रतिशत लोग ऐसे थे जिन्हे यह मालूम नहीं था। कि केवल एक ही प्रत्याशी को वोंट दिया जा सकता है। कुछ लोगों ने बैलट पेपर के टुकडे-टुकड़े पर सभी प्रत्याशियों के बॉक्स में डाल दिये। तो कुछ लोगों ने बॉक्स में फुल , पत्ती , सिक्के और नोट भी डाल दिये थे। पहले लोकसभा चुनाव में स्टील के बॉक्स प्रयोग किये गये थे। 1952 के लोकसभा चुनाव में कुल 25.8 लाख बैलट बॉक्स इस्तेमाल किये गये थे ।