हल्द्वानी: दर्द होने की स्थिति में मरीज को इन्सुलिन दिया जाता है। वैसे तो इन्सुलिन देने से दर्द कम हो जाता है लेकिन ये हमारे शरीर को नुकसान पहुंचा सकता है। डायबिटीज से ग्रस्त रोगी को भी इन्सुलिन दिया जाता है ताकि शूगर लेवर को कन्ट्रोल किया जा सके। हल्द्वानी साहस क्लीनिक के डॉक्टर एनसी पांडे के अनुसार इन्सुलिन के दुष्परिणाम होते है। उन्होंने बताया कि इन्सुलिन लेने से रोगी के शरीर से ग्लूकोस लेवल बहुत कम हो सकता है।

डॉक्टर एनसी पांडे के अनुसार इंसुलिन डायबिटीज या शुगर लेवल कंट्रोल करने के लिए दिया जाता है। यह मुंह के द्वारा नहीं लिया जाता बल्कि इंजेक्शन के माध्यम से लिया जाता है।इसीलिए इसके भी उतने ही साइड इफेक्ट हैं जितने किसी अन्‍य ड्रग्स के लेने से। इंजेक्शन के लेने से दर्द भी होता है। जिन लोगों में शुगर लेवल अधिक होता है उनको इंसुलिन देते ही शरीर के उस हिस्से में नील भी पड़ सकता है। रक्त में शर्करा का कम होना। ऐसा आमतौर पर तब होता है जब हाई डोज का इंसुलिन दिया जाता है और डायबिटिक इंसुलिन के बाद कुछ खाता नहीं है। वजन का बढ़ना ये इंसुलिन देने का एक ऐसा साइड इफेक्ट है जो कि बहुत आम है। इंजेक्शन देने की जगह पर त्वचा का लाल पड़ना। इंजेक्शन देने वाली जगह पर त्वचा का मोटा या कठोर हो जाना।एक समय के बाद इंसुलिन का असर ना होना। कहने का अर्थ है यदि आप लंबे समय तक एक ही लेवल की इंसुलिन डोज ले रहे हैं तो एक समय के बाद वह लेवल शुगर कंट्रोल करने में असमर्थ हो जाता है। नजीतन, इंसुलिन का लेवल बढ़ाना भी पड़ सकता है जिससे शुगर कंट्रोल किया जा सकें। त्वचा संक्रमण भी इंसुलिन के कारण हो सकता है।कई बार एक ही जगह पर रोज इंसुलिन देने से उस जगह पर एलर्जी भी हो सकती है या फिर उस जगह पर लाल दाने होना या रेशेस भी पड़ सकते हैं।

  • डॉक्टर एनसी पांडे ने बताया कि अगर आप होम्योपैथिक इलाज करवा रहे है तो इन्सुलिन की जरूरत नहीं होगी।
  • Insulinum 10x की गोली (अगर गोली बड़ी है तो 1 गोली और छोटी गोली है तो 2 गोली 3 बार)
  • Bio-combination 7 की 4 गोली सुबह, दोपहर, शाम, 3 बार ले.
  • Cephalandra Indica Q को आधे कप पानी में 10 बुँदे सुबह, दोपहर और शाम को लें।