देहरादून:राज्य के उत्पादों का ब्रॉड मार्केट बनाने के लिए सरकार जोरों से लगी हुई है। इसी को देखते हुए देहरादून नेशनल हैंडलूम एक्सपो चल रहा है। जहां पर पहाड़ में बुनी गई गर्म वस्तु की प्रदर्शनी लगी हुई है। गुरुवार को तीसरे दिन सीएम त्रिवेंद्र रावत भी नेशनल हैंडलूम एक्सपो पहुंचे और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का शुभारंभ किया।

उन्होंने कहा कि हर नागरिक को राष्ट्रहित में हथकरघा एवं हस्तशिल्प उत्पाद को बढ़ावा देना चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर हर परिवार से एक खादी और हथकरघा वस्त्र खरीदे जाएं तो गरीब को उसके पसीने की कीमत मिल सकेगी। इससे पूर्व सीएम ने विभिन्न राज्यों से आए हथकरघा काश्तकारों की स्टॉलों का अवलोकन कर उनसे उत्पाद की जानकारी ली। सीएम रावत ने कहा कि हैंडलूम इंडस्ट्री में 65 लाख से ज्यादा लोग काम करते है।

एग्रिकलचर के फिल्ड में रोजगार की बात करें तो तो ये दूसरे नंबर पर है। सीएम रावत ने एक्सपों में स्टॉल मालिकों से भी बात की। दुकानदारों ने सीएम रावत को बताया कि वो कई सालों से यहां पर प्रदर्शनी लगा रहे है।

प्रदर्शनी में 14 राज्यों की पारंपरिक विश्व प्रसिद्ध साड़ियां खासा आकर्षण का केंद्र बन रही हैं। इनमें कांजीवरम, कोयंबर सिल्क, जमदानी, वालचौरी, टंगाई, कांथा, टसर, क्रेप सिल्क, चिंतामणी, संबलपुरी, इक्कत, मूंगा सिल्क, बनारसी साड़ी, कॉटन आदि महिलाओं को खूब भा रही है।ये राज्य कर रहे है प्रतिभाग उत्तर-प्रदेश, राजस्थान, बिहार, पंजाब, तमिलनाडु, कर्नाटक, हिमाचल प्रदेश, जम्मू कश्मीर, दिल्ली, पश्चिम बंगाल, असम व अन्य।