वक्त के एक
स्याह काले पल में
सारे रंग डूब गए
खनकते -खुशबूदार
लफ्जों के
सातों सुर बिखर गए

बंद हो गई
लबोलफ्जों की जुगलबंदी
बिना एम्प्लीफायर के
इलैट्रिक गिटार
जैसे रह गए !!!!!!!!!!