नई दिल्ली। युवती से दुष्कर्म का आरोप झेल रहे भाजपा नेता और पूर्व मंत्री हरक सिंह रावत अभी भी पुलिस की पहुंच से दूर है। एफआईआर दर्ज होने के बाद से ही पुलिस रावत की खोजबीन में जुटी हुई है। रावत की खोज में दिल्ली पुलिस की दो टीमें उत्तराखण्ड पहुंची है। उनकी तालाश के लिए पुलिस हर संभावित जगह पर छापेमारी कर रही है। हालांकि ये पुलिस का केवल अंदाजा है कि हरक सिंह उत्तराखण्ड में हो सकते है इसके कोई सुबूत पुलिस के पास नही है। गढ़वाल रेंज के आईजी शंजय गुंज्याल ने बताया कि इस मामले में दिल्ली पुलिस ने उत्तराखण्ड पुलिस से किसी भी प्रकार का संपर्क नही किया है।

 

हरक सिंह रावत मुकदमा दर्ज होने के बाद से ही गायब चल रहे है। पुलिस की माने तो गिरफ्तारी के डर से वो बार-बार अपने ठिकाने बदल रहे है। पुलिस के अनुसार रावत अपने किसी सहायक कि मदद से लोकेशन बदल रहे है। ज्वाइंट कमिश्नर आरपी उपाध्याय ने कहा कि टीमइस मामले की जांच कर रही है। पीड़ित महिला के बयान पर रावत पर  दुष्कर्म का आरोप दर्ज किया गया है। हरक सिंह के मामले में भाजपा उन्हें बचाते हुए नज़र आई है। पार्टी के कुछ नेताओं ने आरोपों को खारिज करते हुए कांग्रेस के खिलाफ जाल रचने का आरोप लगाया है। लेकिन पार्टी सूत्रों की तरफ से आ रही खबर की मानें तो पार्टी इस मुद्दे को भंभीकता से ले रही है और अगर हरक सिंह रावत गिरफ्तार होते है तो शायद उनकों पार्टी से भी निकाला जसकता है।