हल्द्वानी: महिला का हाथ कटा, भगवान साबित हुई डॉक्टरों की टीम

हल्द्वानी: भगवान ने इंसान की रचना की। रचना तो भगवान ने की लेकिन उन जीवन को सवारने का दायित्व कुछ लोगों को ही दिया। इस श्रेणी में माता-पिता ,गुरु और डॉक्टर का नाम आता है। माता-पिता ने जन्म तक अपने बच्चे का भविष्य सवारने में पूरा जीवन लगा दिया। गुरुजनों ने उन्हें कामयाबी का रास्ता दिखाया। उसी दिशा में डॉक्टरों को भी रखा गया जिने कारनामों ने उन्हें ईश्वर का ही दर्जा दे दिया। डॉक्टर को धरती में जीवनदाता के रूप में देखा जाता है। हल्द्वानी के कृष्णा हॉस्पिटल में यह बात एक बार फिर सच साबित हुई।

मामला 14 सितम्बर का है। दिनेशपुर में रहने वाली उर्मिला रॉय (40 साल)  का हाथ मशीन में काम करते हुए पूरी तरह से कट गया। यू कहें तो उसके दो भाग हो गए। पीड़ित महिला को परिजनों ने हल्द्वानी के कृष्णा अस्पताल में भर्ती करवाया। उसके बाद जो हुआ वह एक करिश्मा ही है जो आजतक कुमाऊं में नहीं हुआ। पीडित महिला का जटिल ऑपरेशन हुआ। डॉ. प्रशांत मून के निर्देशन में डॉक्टरों की टीम ने करीब 11 घंटे की मशक्कत के बाद पीड़ित महिला का पूरी तरह से कटा हुआ हाथ जोड़ दिया। इस घटना के बारे में जितने लोगों ने सुना उन्होंने डॉक्टर को भगवान और महिला को खुशकिस्मत करार दिया।उर्मिला ने बताया कि पापड़ बनाने के लिए आटा गूंथने वाली मशीन की सफाई के दौरान उसका हाथ मशीन में आ गया । और एक झटके में अलग हो गया। अचानक हुए इस हादसे के बाद तेजी से रक्तश्राव होने लगा। आनन फानन में सहकर्मियों ने पीड़ित महिला को परिजनों की मदद से कृष्णा हॉस्पिटल में भर्ती करवाया।

आपरेशन टीम में प्लास्टिक सर्जन डॉ. प्रशान्त मून के साथ क्रिटिकल केयर यूनिट के डॉ. संतोष, एनेस्थिसिया विभाग के डॉ. विक्रमजीत सिंह, नर्सिंग स्टाफ विनोद, रोहित, संजय, राहुल शामिल रहे।

 

 

फोटो सौजन्य-न्यूजटूडेनेटवर्क

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