हल्द्वानी। पूरा उत्तर-भारत बारिश के चपेट में है। जितनी दूर तक आपकी नजर जाएगी वहां बस केवल पानी ही दिखाई देगा। देवभूमि कहलाने वाला उत्तराखण्ड को  एक बार फिर 16 जून 2013 की याद आ रही है। बारिश के रुद्र रूप ने लोगों को हताश कर दिया है। राज्या कि लगभग हर नहर और नदिया उफान मार रही है। कई गांवों में तो पानी घर के स्तर से ऊपर बह रहा है। वैसे ही पहाड़ी इलाकों में जनजीवन काफी कठिन होता है और बारिश ने लोगों से उनकी दिनचर्या ही छीन सी ली है। पिथौरागढ़ के कई गांवों का एक दूसरे से संपर्क ही टूट गया है। लोगों को उफान मार रही नदियों के ऊपर से जाना पड़ रहा है। प्रशासन की सुस्ती ने उनकी राह और कठिन कर दी है।

 

बात नैनीताल जिले की करे तो हालात यहां भी गंभीर है। रामनगर-कालाढूंगी मार्ग में तो दर्जनों गाड़िया नाले में समा गई है। गड्डों में पानी भर जाने से सड़क में चल रहे हर व्याक्ति की जान खतरे में है। हल्द्वानी शहर भी बारिश के बाद तालाब में तब्दील हो रहा है। मौसम विभाग के अनुसार आने वालो 24 घंटे काफी महत्वपूर्ण है। उसके अनुसार इंद्रदेव अभी कुछ दिन और लोगों की परेशानी बढ़ाते हुए चलेंगे। बारिश के कारण पहाड़ो की चट्टानों में से गिर रहे पत्थर नेशनल हाइवे में चल रहे मुसाफिरों के लिए मुसीबत खड़ी कर रहे है। मौसम विभाग ने सरकार को भी अर्लट कर दिया है।