नई दिल्ली। भारत में देश की सर्वोच्च अदालत सुप्रीम कोर्ट के 4 वरिष्ठ जजों ने प्रेस कांफ्रेंस कर न्यायपालिका में हो रहे भ्रष्टाचार पर अपना मत रखा। शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट के 4 जज जस्टिस चेलमेश्वर, जस्टिस रंगन गोगोई, जस्टिस मदन लोकुर और जस्टिस कुरियन ने एक प्रेस कांफ्रेंस की। ये प्रेस कांफ्रेंस जस्टिस जस्ती चेलमेश्वर के आवास पर हुई। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट का प्राशासनिक कार्य ठीक से नहीं हो रहा है। उन्होंने कहा कि अगर सुप्रीम कोर्ट को नहीं बचाया गया तो लोकतंत्र का बचे रहना मुमकिन नहीं है।

जस्टिस जे. चलेमेश्वर ने कहा कि हम चारों मीडिया का धन्यवाद अदा करना चाहते हैं। यह किसी भी देश के इतिहास में अभूतपूर्व घटना है, क्‍योंकि हमें यह ब्रीफिंग करने के लिए मजबूर होना पड़ा है। उन्‍होंने कहा कि हमने ये प्रेस कॉन्‍फ्रेंस इसलिए की ताकि हमें कोई ये न कहे हमने आत्मा बेच दी। उन्‍होंने कहा कि SC में बहुत कुछ ऐसा भी हुआ, जो नहीं होना चाहिए था। हमें लगा, हमारी देश के प्रति जवाबदेही है और हमने CJI को मनाने की कोशिश की, लेकिन हमारे प्रयास नाकाम रहे अगर संस्थान को नहीं बचाया गया, लोकतंत्र खत्‍म हो जाएगा। जस्टिस जे. चलेमेश्वर ने कहा कि SC में बहुत कुछ ऐसा हुआ, जो नहीं होना चाहिए था।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जजों की प्रेस कॉन्फ्रेंस के चलते कानून मंत्री को बुलाया। उन्होंने पीपी चौधरी को बुलाया। पीएम मोदी ने जजों की शिकायत पर ध्यान देते हुए चौधरी को बुलाया है।