9 साल के बच्चे की बात ने डीएम को किया भावुक, तुरंत लगा लिया गले

हल्द्वानी: रविवार को उत्तराखण्ड के अल्मोडा और चमोली में बादल फटने से सैकड़ों लोग बेघर हो गए है। सीजन की पहली बारिश अपने साथ कहर लाएगी, किसी ने सोचा नहीं था। बात अल्मोड़ा चौखुटिया की करें तो बादल फटने से आई आपदा के गुजर जाने के बाद अब खीड़ा, जुकानी और बाजपुर के करीब 52 परिवार खतरे की जद में हैं। इस आपदा में चार मकान बहे हैं। दो पूर्ण रूप से क्षतिग्रस्त हैं। कुछ मकान तीक्ष्ण और कुछ आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हैं, जबकि 38 घरों में मलबा भर गया है। स्थिति यह है कि उक्त परिवारों के पास रहने के लिए कोई दूसरा ठिकाना भी नहीं है।

खीड़ा में रविवार को बादल फटने के बाद हुई तबाही के बाद सोमवार को पुलिस के साथ ही एसडीआरएफ और अग्निसुरक्षा की टीम ने राहत कार्य शुरू कर दिया लेकिन आपदा में लापता राम सिंह का अभी तक कुछ पता नहीं चल पाया है। मौके पर पहुंचे डीएम नितिन भदौरिया ने खीड़ा, जुकानी और बाजपुर तोक में हुए नुकसान का स्थलीय निरीक्षण। उन्होंने प्रभावितों से बातचीत कर उनके रहने और खाने की व्यवस्था करने के निर्देश दिए। उन्होंने गांव में ही अधिकारियों की बैठक ली। इस दौरान विधायक महेश नेगी और कर्णप्रयाग के विधायक सुरेंद्र नेगी ने भी प्रभावित गांवों का भ्रमण कर राहत कार्य में हाथ बंटाया।

निरीक्षण के दौरान एक बच्चे की बात ने डीएम को भी भावुक कर दिया। जुकानी के नौ साल के स्कूली बच्चे कुलदीप नेगी ने डीएम से कहा कि अंकल मेरा स्कूल बैग, किताबें और कपड़े सब कुछ बह गया है। बच्चे को रोते बिलखते देख डीएम ने इसे गले लगा लिया। डीएम ने आपदा से प्रभावित परिवार से कहा कि प्रशासन की पूरी कोशिश रहेगी कि उन्हें कोई परेशानी नहीं हो। इस दौरान डीएम के साथ  विधायक महेश नेगी भी मौजूद थे।