चमोली आपदा में लापता हुए हरपाल का मिला शव,गर्भवती पत्नी के लिए लेने वाले थे छुट्टी

source- amarujala

देहरादून: 7 फरवरी को चमोली में आई आपदा ने साल 2013 आपदा के जख्मों को हरा कर दिया। उसके बाद से रैणी गांव और तपोवन में रेस्क्यू कार्य चल रहा है। सुरंग में फंसे 35 लोगों को बाहर निकलने की कोशिशे अभी जारी हैं लेकिन देरी के साथ वह अशुभ संकेत भी दे रही है।

रविवार को जल प्रलय के आठवें दिन तपोवन जल विद्युत परियोजना की सुरंग समेत पूरे आपदा प्रभावित इलाके से 13 शव आईटीबीपी (इंडो तिब्बतन पुलिस फोर्स), एनडीआरएफ (नेशनल डिजास्टर रेसपांस फोर्स) व अन्य बचाव दलों ने निकाले। निकाले गए शवों की पोस्टमार्टम रिपोर्ट चौंकाने वाली है। आपदा के कुछ घंटों के भीतर ही सभी की मौत होने की बात सामने आई है।

विद्युत परियोजना की सुरंग में से पांच, ऋषि गंगा जल विद्युत परियोजना स्थल के आसपास 6, रैणी गांव में मलबे में एक और एक शव रुद्रप्रयाग में अलकनंदा किनारे से मिला। इनमें से 11 की शिनाख्त हो गई। दो की पहचान के प्रयास किए जा रहे हैं। इसको मिलाकर आपदा में लापता 51 लोगों के शव मिल गए हैं। 155 अभी भी लापता हैं।

रविवार को नारायणबगड़ ब्लाक के रतनी गांव निवासी हरपाल सिंह (33 पुत्र बलवंत सिंह) का शव भी बरामद हुआ। वह ऋषि गंगा हाइड्रो प्रोजेक्ट में काम करते थे। इसके बाद से उनके घर पर मातम छा गया है। पिछले एक हफ्ते से उम्मीदों में बैठे लोगों को समझ में नहीं आ रहा कि अचानक क्या हो गया। सबसे ज्यादा दुख देती है हरपाल की पत्नी की स्थिति जो गर्भ है।

ग्राम प्रधान पुष्पा देवी ने बताया कि हरपाल तो अपनी पत्नी की देखरेख के लिए घर आने वाला था लेकिन आपदा ने एक झटके में सब बर्बाद कर दिया। हरपाल की एक संतान हैं और दूसरा जल्द दुनिया में कदम रखेगी। हरपाल के लापता होने के बाद ही परिजन उन्हें खोज रहे थे। रविवार को उसका शव मिलने पर बुजुर्ग माता-पिता और पत्नी का रो-रोकर बुरा हाल है। ग्रामीण एवं परिजन उन्हें सांत्वना दे रहे हैं। हरपाल की मृत्यु की खबर से गांव के लोग सदमे में  हैं।

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