अब नहीं जाना पड़ेगा दूसरे शहर, हल्द्वानी के गर्व डायग्नोस्टिक सेंटर एवं हॉस्पिटल में होगा कॉक्लियर इम्प्लांट

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हल्द्वानी: गर्व डायग्नोस्टिक सेंटर एवं हॉस्पिटल में सोमवार को कुमाऊं का पहला कॉक्लियर इम्प्लांट किया गया। दिल्ली  से हल्द्वानी पहुंचे डॉक्टर  सोमेश्वर ने बताया कि विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार श्रवण दोष पूरी दुनिया में सबसे ज्यादा फैला हुआ है। रामपुर रोड स्थित गर्व डायग्नोस्टिक सेंटर एवं हॉस्पिटल में श्रवण दोष एवं कॉक्लियर इम्प्लांट के विषय में जागरूकता के लिए कार्यक्रम का आयोजन हुआ जिसमें 200 से ज्यादा लोगों ने भाग लिया।

गर्व डायग्नोस्टिक सेंटर की डॉक्टर गरिमा ने बताया कि विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार श्रवण दोष तेजी से दुनिया भर में लोगों को अपनी चपेट में ले रहा है। श्रवण दोष की बच्चों में ज्यादा दिखता है। यह कॉलेज में बच्चों को शिक्षा में बाधित करता है और भविष्य में मिलने वाले अफसरों में कमी करता है। कॉक्लियर इम्प्लांट एकमात्र समाधान है जो इस गंभीर श्रवण दोष से ग्रस्त बच्चों को नई राह दे सकता है। यह उन बच्चों को लगता है जो कान की मशीन की मदद से भी नहीं सुन पाते हैं। यह सीधा कान के हिस्सों को छोड़कर सुनने की नशों को इलेक्ट्रिक सिग्नल देता है।उन्होंने बताया कि कॉक्लियर इम्प्लांट भारत में नया नहीं है, इससे बच्चों को उनकी सुनने की क्षमता वापस मिल जाती है और जीवन में आगे बढ़ रहे हैं। इस कार्यक्रम में ENT सर्जन ऑडियोलॉजिस्ट, स्पीच थेरेपिस्ट इंप्लांट ने भी कॉक्लियर इम्प्लांट  और भाषा विकास के बारे में बात की।