देहरादून:46 लाख रुपए के साथ 7 ठग गिरफ्तार, दिल्ली पुलिस का बर्खास्त सिपाही मास्टरमाइंड

देहरादून: राजधानी पुलिस ने उस गैंग के 7 ठगों के गिरफ्तार किया जो कम वक्त में लोगों का पैसों को डेढ़ गुना करने का लालच देता था। इनकी चपेट में कई लोग आ चुके थे और इनका राडर पूरे देश में फैल रहा था। रविवार को एसएसपी अरुण मोहन जोशी ने मामले का खुलासा किया। पुलिस ने आरोपियों के पास से 46 लाख एक हजार पांच सौ रुपये और फर्जी दस्तावेज बरामद किए गए हैं। एसएसपी ने बताया कि इस गिरोह के बारे में लगातार शिकायत मिल रही थी।

जांच में सामने आया कि हरिपुर कलां चौकी क्षेत्र की उमा विहार कॉलोनी में कुछ लोगों ने एयरवे इंटरप्राइजेज नाम से एक कंपनी खोली है। ठगों की कप्तानी दिल्ली पुलिस का बर्खास्त सिपाही बताया गया है। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने ठगों को पकड़ने का प्लान बनाया। थानाध्यक्ष रायवाला अमरजीत सिंह के नेतृत्व में टीम का गठन किया गया था।  कांस्टेबल पंकज तोमर को 2000 रुपये का एक नोट देकर कंपनी में भेजा गया। कंपनी ने पंकज तोमर से दो हजार रुपये बतौर शुल्क लेकर पंकज का सदस्यता कार्ड बना दिया।

इससे ये सामने आया कि कंपनी के सात लोग शिशु योजना उत्तराखंड के नाम से कार्ड छप कर लोगों को अपनी चपेट में ले रहे हैं। वह लोगों को 10 हजार रुपये के बदले 15 दिन में 15000 रुपये देने का लालच दे रहे हैं। पुलिस ने इसके बाद कंपनी में छापा मारा और सात आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। सूचना पाकर सीओ ऋषिकेश भी मौके पर पहुंचे। कंपनी कार्यालय के पीछे स्थित कमरे की अलमारी से करीब 46 लाख रुपये भी बरामद हुए। कार्यालय से कार्ड, रजिस्ट्रर, डायरी, एटीएम कार्ड और चेक बुक आदि बरामद हुए। 

आरोपियों के नाम

आरोपियों की पहचान पहचान जोगिंदर सिंह पुत्र रघुवीर सिंह निवासी खेड़ीसाद, थाना सापला, जिला रोहतक, हरियाणा,नरेश शर्मा पुत्र हरिचंद शर्मा निवासी ग्राम रजाना कला थाना पिल्लूखेड़ी मंडी, जिला जींद, हरियाणा, चंदन कुमार अरोड़ा पुत्र चरण दास अरोड़ा निवासी मकान नंबर 114, राजहंस विहार, विकास नगर, थाना उत्तम नगर, दिल्ली, तिलकराज पुत्र रामनिवास निवासी अलवा, थाना अलवा जिला जींद हरियाणा, अजमेर सिंह पुत्र बहाना राम निवासी शीतल नगर कॉलोनी, थाना शिवाजी कॉलोनी, रोहतक हरियाणा, अरुण राणा पुत्र रामकृष्ण राणा निवासी हेतमपुर रोशनाबाद, थाना सिडकुल,  हरिद्वार और संजय कमार सिंह पुत्र शिवचंद्र प्रसाद निवासी ग्राम मुरोवतपुर, थाना देशरी, जिला वैशाली, बिहार के रूप में हुई। यह भी सामने आया है कि आरोपी जोगिंद्र पूर्व में दिल्ली पुलिस में था। पुलिस ने इस संबंध में थाना रायवाला पर धोखाधड़ी और भारतीय रिजर्व बैंक अधिनियम की धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया है।

जोगिंदर खुद एक पुलिस वाला !

पुलिस पूछताछ में जोगिंदर ने बताया कि वह वर्ष 2006 में दिल्ली पुलिस में कार्यरत था। मारपीट के एक मामले में उसे बर्खास्त किया गया था। उसने यह भी बताया कि बर्खास्तगी के खिलाफ वह कोर्ट गया था और वह केस जीत चुका है। एसएसपी अरुण मोहन जोशी ने बताया कि दिल्ली पुलिस से संपर्क कर इस बारे में पता किया जा रहा है। साथ ही आगे की जांच के लिए कोर्ट से आरोपियों का पुलिस कस्टडी रिमांड ली जाएगी। उन्होंने कहा कि इस तरह के अन्य मामलों की भी पुलिस छानबीन कर रही है। वहीं पुलिस आरोपियों के मकानमालिक पर भी कार्रवाई करेगी, जिसने बिना सत्यापन के फ्लैट किराए पर दे दिया।