कोरोना के स्ट्रेन को लेकर उत्तराखंड स्वास्थ्य विभाग अलर्ट, बाहर से आने वालों के लिए जीनोम सीक्वेंसिंग जांच अनिवार्य

कोरोना के स्ट्रेन को लेकर उत्तराखंड स्वास्थ्य विभाग अलर्ट, बाहर से आने वालों के लिए जीनोम सीक्वेंसिंग जांच अनिवार्य

हल्द्वानी: कोरोना वायरस का प्रवेश भारत में पिछले साल तो उत्तराखंड में इस साल हुआ था। इस महामारी ने देखते ही देखते भयानक रूप ले लिया। जिसके वजह से प्रशासन, शासन और आमजनों को चैन की सांस तक लेना दुश्वार हो गया था। नए साल के आने से पहले ही भारत में कोरोना के नए स्ट्रेन ने एक बार फिर सब उथल पुथल कर दिया है। जानकारी के अनुसार ब्रिटेन से भारत लौटे कुछ लोग अपने साथ इस नए स्ट्रेन को भी ले कर आ गए हैं। जिसके बाद से केंद्र सरकार खुद तो सचेत हुई ही है और साथ में सभी राज्यों को भी आदेशित कर दिया है।

इसी बीच भारत सरकार ने बताया है कि एक नए तरह की सीक्वेंसिंग से इस वायरस की जांच की जा रही है। केंद्र के अनुसार 9 से 22 दिसंबर के बीच भारत आए उन अंतरराष्ट्रीय यात्रियों की जीनोम सीक्वेंसिंग की जाएगी, जो कोरोना संक्रमित मिले हैं। इसके अलावा सरकार ने ब्रिटेन से आने वाली उड़ानों पर 31 दिसंबर के बाद भी रोक जारी रखने के संकेत दिए हैं।

भारत लौटे यात्रियों की जांच के दौरान संक्रमित मिलेे मरीजों के सैंपल की जीनोम सीक्वेंसिंग कराई गई थी। बंगलूरू स्थित नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ मेंटल हेल्थ एंड न्यूरो साइंसेज की लैब में तीन, हैदराबाद स्थित सीसीएमबी में दो और पुणे स्थित नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वॉयरोलॉजी के वैज्ञानिकों ने एक सैंपल में नए रूप मिलने की जानकारी दी है।

जीनोम सीक्वेंसिंग में किसी वायरस की पूरी जानकारी होती है। वायरस का रूप, गुण, आकार सबकी जानकारी जीनोम में मिलती है। वायरस के जीन के बडे़ समूह को जीनोम कहा जाता है। वायरस के बारे में जानने की प्रक्रिया को जीनोम सीक्वेंसिंग कहा जाता है। इसी के जरिए कोरोना के नए स्ट्रेन के बारे में पता लगाया जा रहा है।

कोरोना वायरस का नया रूप मिलने के बाद ब्रिटेन से लौटे लोगों के सैंपल की जिनोम सीक्वेंसी जांच अनिवार्य की गई है। जिनोम सीक्वेंसी से शरीर में मौजूद स्ट्रेन के बारे में पता चलता है। यह सभी सैंपल फिलहाल बाहर भेजे जा रहे हैं। ब्रिटेन से वापस लौटे लोगों की सैंपलिंग स्वास्थ विभाग की ओर से लगातार जारी है। तीसरे दिन विभाग ने 11 लोगों के सैंपल लिए। विभाग को पता चला है कि पिछले एक महीने में ब्रिटेन से 131 लोग देहरादून पहुंचे हैं।

जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने शनिवार से इन सभी की जांच करना शुरू कर दिया है। रविवार को ब्रिटेन से लौटे 5 लोग कोरोना संक्रमित पाए गए थे। इसके अलावा संपर्क में आए एक व्यक्ति में भी संक्रमण पाया गया है। सभी को आइसोलेशन में रखा गया है। उनकी सेहत की मॉनिटरिंग की जा रही है। उनके संपर्क में आए लोगों के भी सैंपल लिए जाएंगे। ब्रिटेन से लौटे लोगों को ट्रेस करना एवं उनकी सैंपलिंग करना प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग के लिए चुनौती बन गया है। कई प्रवासियों के नंबर बंद आ रहे हैं तो कई पहाड़ चले गये हैं।

अभी तक ब्रिटेन में मिला कोरोना का नया रूप डेनमार्क, नीदरलैंड, ऑस्ट्रेलिया,  इटली,  स्वीडन,  फ्रांस,  स्पेन,  स्विट्जरलैंड,  जर्मनी,  कनाडा,  पाकिस्तान, जापान,  लेबनान और सिंगापुर के बाद अब भारत में मिल चुका है। 

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