हल्द्वानी:महिलाओं के साथ छेड़छाड़ एक ऐसा अपराध है जिसे प्रमाणित करना बेहद मुश्किल है, चूंकि अपराधी अक्सर महिलाओं पर हमले के सरल तरीक़े ढूंढ़ लेते हैं, हालांकि कई नारीवादी लेखकों ने इसे “छोटे बलात्कार” का नाम दिया है और सामान्यतः यह सार्वजनिक स्थलों, सड़कों और सार्वजनिक वाहनों में घटित होता है।यौन संबंधी इस छेड़छाड़ की गंभीरता, जिसे युवाओं में अपचार से संबंधित समस्या के रूप में देखा जाता है, वासनापरक सांकेतिक टिप्पणियां कसने, सार्वजनिक स्थानों में छूकर निकलने, सीटी बजाने से लेकर स्पष्ट रूप से जिस्म टटोलने तक विस्तृत है।ऐसी शर्मनाक हरकतों से माहौल खराब करने वाले इन मनचलों के कारण सड़कों पर अकेली लड़की का निकलना दुश्वार हो चुका है।यहां तक की सार्वजनिक वाहनों में सफर करना भी ऐसे डर का सबब बन गया है। बड़े और व्यस्त शहरों में ऐसे किस्से तो कई सुनने और देखने को मिलते हैं पर अब सुरक्षित माने जाने वाले शहर या इलाकों को अब सुरक्षित कहना शायद अब बेइमानी होगी।उत्तराखंड के हल्द्वानी में भी ऐसी ही एक हरकत ने स्थानीय लोगों को हैरान किया है। जहां ऑटो चालक की अश्लील बातें सुनकर ऑटो में बैठी छात्रा अचानक ऑटो से कूद गई ।

हल्द्वानी में एक कॉलेज के सामने सोमवार की दोपहर करीब दो बजे चार छात्राएं घर जाने के लिए एक ऑटो में सवार हुईं। तीन छात्राएं बड़ी मस्जिद के समीप उतर गईं, लेकिन नौवीं की एक छात्रा आगे जाने के लिए ऑटो में बैठी रही।रास्ते में ऑटो चालक छात्रा से अश्लील बातें करने लगा। इस पर छात्रा चालक को खरी-खोटी सुनाकर ऑटो से कूद गई। चालक मौके से भाग निकला। छात्रा के बताने पर परिजनों ने चालक की पहचान करने के लिए सीसीटीवी फुटेज खंगाले। परिजन एक ऑटो का नंबर फुटेज में आने पर संबंधित चालक की तलाश कर रहे हैं।परिजनों ने अपने स्तर से सीसीटीवी फुटेज खंगाले लेकिन खबर लिखे जाने तक शिकायत नहीं की है। सोशल मीडिया पर एक ऑटो की फुटेज और छात्रा के अपहरण की कोशिश की बात वायरल हो रही है। वहीं रात के समय स्थानीय लोगों ने आरोपी चालक को पकड़ लिया और चालक की पिटाई कर दी। सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस ने चालक को भीड़ के चंगुल से छुड़ाया।

हालांकि छात्रा के परिवार ने ऐसे समाज में जहां मोहने का दायित्व महिला पर ठहरता है, जहां पुरुषों की छेड़छाड़पूर्ण प्रतिक्रिया अपराधमूलक होने के बजाय स्वाभाविक मानी जाती है,वहां इस छेड़छाड़ के मामले में कदम उठाकर एक अच्छा उदाहरण पेश किया है। पर वक्त को देखते हुए ऐसे मनचलों को कानूनी तौर पर भी सजा मिलनी ही चाहिए ।लोकलाज के चलते उन्होंने पुलिस को तहरीर नहीं दी है। बनभूलपुरा थानाध्यक्ष दिनेशनाथ महंत ने बताया कि किसी ने शिकायत दर्ज नहीं कराई है। यदि शिकायत मिलेगी तो पुलिस रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई करेगी।

Join WhatsApp Group & Facebook Page

उत्तराखंड की ताजा खबरें मोबाइल पर प्राप्त करने के लिए अभी हमारा WhatsApp Group ज्वाइन करें।
Join Now

उत्तराखंड की ताजा खबरें मोबाइल पर प्राप्त करने के लिए अभी हमारा Facebook Page लाइक करें।
Like Now