साहस होम्योपैथिक हल्द्वानी: जड़ से खत्म हो जाएगी फोड़े-फुंसी की परेशानी

हल्द्वानी:फोड़ा या फुंसी (Boil) एक त्वचा संक्रमण है| यह सटैफिलोकोकस व युस नामक जीवाणु के कारण होता है| फोड़ा या फुंसी (Boil) बाल कूप या तेल ग्रन्थियों से शुरु होता है| सबसे पहले संक्रमित क्षेत्र की त्वचा लाल हो जाती है और वह त्वचा के अंदर एक गाठ बन जाती है| तीन से सात दिन बाद इसका मुह सफेद होने लगता है| क्योंकी त्वचा के निचे मवाद भरा हुआ है|

हल्द्वानी साहस होम्योपैथिक क्लीनिक के डॉक्टर नवीन चंद्र पांडे ने वीडियो के माध्यम से इस बीमारी के विषय में इलाज बताया। उन्होंने कहा कि  फोड़ा या फुंसी (Boil) उभरने के सबसे सामान्य स्थान चेहरा, गर्दन, बगल, कंधे और नितंबों पर होते है| वसे यह कहि भी और किसी भी उम्र मे और किसी भी व्यक्ति को हो सकता है| यदि त्वचा के किसी हिस्से में एक से अधिक फोड़ा या फुंसी (Boil) दिखाई देते है तो यह एक गंभीर संक्रमण है| फोड़ा या फुंसी का दर्द असहनीय होता है| इसलिए इसका उपचार जरूरी है आइए जानते है इसके लक्षण कारण और इलाज| फोड़ा या फुंसी का इलाज आप होम्योपैथिक तरीके से भी कर सकते हैं।