देहरादून: राजधानी में 9 जून में संपन्न हुई भारतीय सैन्य अकादमी (आईएमए) की पासिंग परेड में देश की सेना को मजबूती मिली। देश को 383 जांबाज अफसर मिले। इस बार फिर उत्तराखण्ड का युवा पासिंग परेड़ में अपनी छाप छोड़ने में कामयाब रहा। लधिया घाटी क्षेत्र के छोटे से गांव के गौरव भट्ट लेफ्टिनेंट बन पूरे देवभूमि का गौरव बढ़ाया है। गौरव की इस उपलब्धि से माता-पिता और क्षेत्र के लोग गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं।

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बता दे कि गौरव के पिता मनोरथ भट्ट सितारगंज चीनी मिल में कार्यरत है। वहीं मां कलावती देवी गृहणी है। गौरव की इस कामयाबी ने भिंगराड़ा का नाम रोशन किया है। गौरब ने अपनी प्रारंभिक स्कूल की शिक्षा सितारगंज से प्राप्त की। उसके बाद वो  नैनीताल स्थित सैनिक स्कूल घोड़ाखाल में हुआ। यहां से इंटर पास करने के बाद उनका चयन राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (एनडीए) के लिए  हुआ।

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गौरव की कामयाबी के बाद पूरे गांव में खुशी का माहौल है। ग्राम प्रधान धर्मानंद भट्ट, पीएलवी उमेश भट्ट, चंद्रशेखर भट्ट, रमेश भट्ट, जिला पंचायत सदस्य भोला सिंह बोहरा, नवीन भंडारी सहित तमाम ग्रामीणों ने जश्र मनाया। बता दें कि इसी इलाके से करीब चार दशक पूर्व एक आईएएस अफसर भी हुए। तुलाराम भट्ट श्रमायुक्त पद से सेवानिवृत्त हुए।

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