हल्द्वानी के मरीजों को राहत,9 साल बाद मिले 23 असिस्टेंट प्रोफेसर डॉक्टर

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हल्द्वानीः उत्तराखंड में कई समय से डॉक्टरों की कमी की खबर सामने आ रही थी। जानकारी के अनुसार वर्ष 2010 के बाद से किसी भी डॉक्टर की नियुक्ति स्थायी तौर पर नहीं हुई थी। पर हल्द्वानी के राजकीय मेडिकल कॉलेज को 23 असिस्टेंट प्रोफेसर मिल चुके है। जिसके बाद से सरकार और मरीजों ने राहत की सांस ली है, जिसके बाद हल्द्वानी के विभाग को 9 साल बाद कुछ हद तक डॉक्टरों की कमी से राहत मिली है। लम्बे समय के बाद राजकीय मेडिकल कॉलेज को इन विभागों में राहत मिली है।एनीस्थीसिया विभाग के डॉ. आदित्य कुमार चौहान, डॉ. शोभा, ब्लड बैंक में डॉ. तनुजा पांगती, कम्यूनिटी मेडिसिन में डॉ. अमनदीप कौर, डॉ. टीएच कन्नूभाई, डॉ. मो. आरिफ, डॉ. कजरी जैन, डॉ. मेहर बानो, जनरल मेडिसिन में यतींद्र सिंह, जनरल सर्जरी में डॉ. प्रतीक शाक्य, डॉ. मालविका स्वामी, स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग में डॉ. गरिमा खन्ना, डॉ. श्वेता, हड्डी एवं जोड़ रोग विभाग में डॉ. चंद्रशेखर, पैथोलॉजी में डॉ. अंकित कौशिक, डॉ. अपर्णा भारद्वाज, मानसिक रोग विभाग में डॉ. जया शर्मा, रेडियोडाग्नोसिस विभाग में डॉ. विशाल अग्रवाल, एनाटोमी में डॉ. अनामिका जायसवाल, बायोकेमिस्ट्री में डॉ. सीमा गुप्ता, माइक्रोबायलॉजी में डॉ. निधि नेगी, फार्माकोलॉजी में डॉ. रेनू खान चांदनी, फिजियोलॉजी में डॉ. पूनम कुमार शामिल हैं।

डॉ. पंकज रेडियोडायग्यनोसिस विभाग में प्रोफेसर रेडियोडायग्यनोसिस विभाग में एसोसिएट प्रोफेसर रहे डॉ. पंकज महेश की पदोन्नति हो गई है। शासन ने उन्हें प्रोफेसर बना दिया है। डॉ. पंकज महेश ने बताया कि विभाग को और बेहतर करने का प्रयास किया जाएगा। मरीजों से लेकर मेडिकल विद्यार्थियों को अधिक से अधिक लाभ मिले। इसके लिए वह प्रयासरत रहेंगे। स्थायी तौर पर डॉक्टरों की नियुक्ति के लिए लंबे समय से प्रयास कर रहे थे। अब सफलता मिली है। इस तरह की नियुक्ति से डॉक्टरों के संस्थान छोड़ने का सिलसिला भी बंद हो जाएगा। मरीजों के साथ ही छात्र-छात्राओं को लाभ मिलेगा।