सीएम रावत ने कुम्भ क्षेत्र में विद्युत लाईनों को भूमिगत करने की योजनाओं का किया शुभारम्भ

 

देहरादूनः मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने गुरूवार को आईपीडीएस योजना के अंतर्गत कुम्भ क्षेत्र में विभिन्न विद्युत लाईनों को भूमिगत किये जाने वाली 388.49 करोड़ लागत की योजना का भूमि पूजन कर शुभारम्भ किया। मुख्यमंत्री ने कुम्भ स्मारक मैदान हरिद्वार में 4.99 करोड़ लागत 33/11 के0वी0 उपसंस्थान गैण्डीखाता हेतु 22 किमी की 33 के0वी0 लाईन का भी शिलान्यास किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि उपसंस्थान गैण्डीखाता के निर्माण होने से गैण्डीखाता, चिड़ियापुर, लालढांग, मिठी बैरी, पीली पड़ाव क्षेत्र के लगभग 4000 उपभोक्ताओं को निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित होगी व वोल्टेज में सुधार होगा। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने 70.11 करोड़ रूपये की विभिन्न योजनाओं का लोकार्पण व शिलान्यास भी किया। खानपुर, पिरान कलियर, हरिद्वार ग्रामीण, झबरेड़ा, भगवानपुर, रूडकी तथा ज्वालापुर विधानसभा के लिए कुल 56.14 करोड़ की कुल 39 योजनाओं का शिलान्यास किया। इनमें 32 लोनिवि, 05 पेयजल व सिंचाई विभाग विभाग की 02 योजनाएं सम्मिलित हैं।

इसके अतिरिक्त विधानसभा रानीपुर, झबरेडा, हरिद्वार शहर में ग्रा0नि0वि0प्र0, चिकित्सा विभाग, लघु सिंचाई विभाग की 13.97 करोड़ रूपये की योजनाओं का लोकार्पण किया। जिनमें रानीपुर विधानसभा में ग्रामीण निर्माण विभाग प्रखण्ड द्वारा ग्रामीण निर्माण विभाग प्रखण्ड – हरिद्वार के कार्यालय भवन का निर्माण, झबरेड़ा में लघु सिंचाई विभाग द्वारा कार्यालय सहायक अभियंता, लघु सिंचाई उपखण्ड रूड़की का भवन निर्माण तथा हरिद्वार शहर विधानसभा में चिकित्सा विभाग द्वारा राजकीय मेला चिकित्सालाय हरिद्वार में लोकनिजी सहभागिता के अन्तर्गत डायलिसिस केन्द्र का लोकार्पण किया।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि कुम्भ क्षेत्र हरिद्वार के अन्तर्गत 33 के0वी0की 54 किमी तथा 11 के0वी0 122 किमी की भूमिगत लाईनो, 140.20 किमी की भूमिगत एलटी लाईन, 50 कि0मी0 स्ट्रीट लाईट केबल के साथ ही विभिन्न विद्युत लाईनों को भूमिगत करने से कुम्भ क्षेत्र का सौन्दर्यीकरण होगा। उन्होंने कहा कि योजना का लाभ जनपदवासियों के साथ ही हरिद्वार में वर्ष भर आने वाले श्रद्धालुओं को, कुम्भ एवं कांवड़ व समय-समय पर होने वाले मेलों में विद्युत सुरक्षा मिलेगी। किसी भी प्रकार के मौसम आँधी, तूफान व बरसात में निर्बाध विद्युत आपूर्ति बनी रहेगी।