उत्तराखंडः गंगाजल भरने गए दो सगे भाई गंगा में डूबे, रेस्क्यू जारी

देहरादूनः राज्य में नदी में डूबने के मामले थमने का नाम नहीं ले रहें हैं। ऐसा ही एक मामला हरिद्वार की गंगा से सामने आया है जहां गंगा नदी में दो सगे भाई बह गए। यह हादसा तब हुआ जब गंगा में बह गई बोतल को पकड़ने के चक्कर में पलवल (हरियाणा) के दो सगे भाई बह गए। हादसे के बाद एक युवक को बचा लिया गया है। वहीं डूबे हुए युवकों का अब तक कुछ पता नही चल पाया है।
 बता दें कि हादसा रविवार की दोपहर करीब डेढ़ बजे उत्तरी हरिद्वार क्षेत्र के दूधियाबंद में ठोकर नंबर पांच में हुआ।
 हरियाणा के गांव जनौसी जिला पलवल से करीब 35 यात्रियों का दल शनिवार को यहां पहुंचा था और उत्तरी हरिद्वार क्षेत्र के खिचड़ी आश्रम में ठहरा हुआ था। रविवार की दोपहर कुछ लोग खाना खा रहे थे और कुछ लोग आश्रम में सो रहे थे। इसी दौरान दीपू (14), अंशुल (12) पुत्र सुरेश, मीत और उसका भाई प्रीत पुत्र धर्मवीर गंगा घाट पर पानी की बोतल में गंगाजल भरने चलेे गए। वहीं प्रीत गंगा घाट पर ही खड़ा रहा जबकि बाकी तीनों युवक जल भरने लगे। तभी जल भर रहे एक युवक के हाथ से बोतल छूटकर बह गई। इसके बाद बोतल को पकड़ने के लिए तीनों युवक गंगा में उतर गए। इसके बाद तीनों युवक गंगा के तेज बहाव की चपेट में आ गए।
गंगा घाट पर मौजूद प्रीत ने तीनों को डूबता देख शोर मचाया तो पास के ही गंगा घाट पर मौजूद एक फक्कड़ ने एक युवक मीत को बड़ी मुश्किल से बाहर खींच लिया। लेकिन फक्कड़ दोनों भाईयों को नहीं बचा पाया और दोनों भाई डूब गए। युवकों को डूबते देख मौके पर भीड़ जमा हो गई। इसके बाद भीड़ ने हादसे की सूचना तुरंत पुलिस को दे दी।
 सूचना मिलते ही चौकी प्रभारी ठाकुर सिंह रावत भी मौके पर पहुंच गए। पुलिस ने तुरंत जल पुलिस और शौकिया गोताखोरों को बुलाया, लेकिन कई घंटों के सर्च ऑपरेशन के बाद भी युवकों का कुछ पता नही चल सका।
गंगा में डूबे भाईयों की सूचना परिवार को जैसै ही मिली तो परिवार में कोहराम मच गया। मां चंद्रावती को जैसे ही बेटों की खबर मिली तो वह बेहोश हो गई। वहीं पिता सुरेश को घटना की जानकारी दे दी गई है। बता दें कि बड़ा बेटा आठवीं, जबकि छोटा छठी का छात्र है।