वित्त मंत्री प्रकाश पंत का निधन, पीएम मोदी सहित सीएम रावत ने जताया दुख

देहरादूनः उत्तराखंड के वित्तमंत्री प्रकाश पंत का अमेरिका के टेक्सास में बुधवार को निधन हो गया। वह कुछ समय से कैंसर से पीड़ित थे। वह हाल ही में इलाज के लिए अमेरिका गए थे। पिथोरागढ़ में पैदा हुए पंत बाद में जिले से विधायक निर्वाचित हुए। वह पेशे फार्मासिस्ट थे। पंत फरवरी में 2019-20 के लिए विधानसभा में बजट पेश करते समय बेहोश हो कर गिर पड़े थे। उसके बाद से वह सार्वजनिक तौर पर नहीं दिखाई दिए।

उत्तराखंड सरकार में वित्त मंत्री प्रकाश पंत का लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया। उन्होंने अमेरिका की यूनिवर्सिटी ऑफ टैक्सास के अस्पताल में अंतिम सांस ली। 59 वर्षीय पंत लंबे समय से बीमार चल रहे थे। 30 मई को उन्हें कैंसर के इलाज के लिए अमेरिका ले जाया गया था। उनका पार्थिव शरीर शनिवार शाम तक अमेरिका से देहरादून पहुंचने की संभावना है। सरकार के एक अधिकारी ने कहा कि अमेरिका जाने से पहले पंत ने अपने विभाग (वित्त एवं संसदीय मामले) की जिम्मेदारी मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत को सौंप दी थी। पूर्व की भाजपा सरकार (2007-12) में भी वित्त मंत्रालय पंत के ही पास था। उन्हें 9 नवंबर, 2000 में बने पहाड़ी राज्य के तत्काल बाद गठित विधानसभा का अंतरिम अध्यक्ष भी नियुक्त किया गया था।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट कर उनके निधन पर शोक जताया। प्रधानमंत्री ने कहा, ”उत्तराखंड के वित्त मंत्री श्री प्रकाश पंत के निधन से दुख हुआ है। उनके सांगठनिक कौशल ने भाजपा को मजबूती प्रदान की और प्रशासनिक दक्षता ने उत्तराखंड के विकास में योगदान दिया। उनके परिवार एवं समर्थकों के प्रति मेरी संवेदनाएं।”

केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री रमेश पोखरियाल ‘निशंक’ ने भी पंत के निधन पर शोक प्रकट किया है। उन्होंने ट्विटर पर लिखा, ‘‘भाजपा नेता और उत्तराखंड के वित्त मंत्री श्री प्रकाश पंत जी के आकस्मिक निधन की खबर सुनकर आहत और स्तब्ध हूँ। यकीन नहीं हो रहा है कि हमेशा प्रसन्नचित्त रहने वाले प्रकाश पंत जी हमारे बीच में नहीं रहे।’’

उन्होंने कहा, ‘‘प्रकाश पंत आप, आपके कार्य और आपके विचार हमेशा उत्तराखंड के जनमानस को प्रेरणा देते हुए हम सभी के हृदय में जीवित रहेंगे।’’उनके निधन पर राज्य में तीन दिनों के शोक की घोषणा की गई है। गुरुवार को राजकीय अवकाश भी घोषित किया गया है। उत्तराखंड के वित्त मंत्री प्रकाश पंत अपने छात्र जीवन से ही राजनीति में अपनी पैठ जमाए हुए थे। उनका राजनीतिक सफर उपलब्धियों से भरा रहा है। मंत्री प्रकाश पंत 1977 में छात्र राजनीति में सक्रिय थे। वे सैन्य विज्ञान परिषद में महासचिव, श.स्नातकोत्तर महासचिव पद पर रहे थे।

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