बेरीपड़ाव : भीषण आग लगने से आधा दर्जन झोपड़ियां स्वाहा, 10 दिन के बच्चे की मौत

बेरीपड़ाव में गौला गेट के पास झोपड़ियों में आग लगने से हड़कंप मच गया। आग की चपेट में आने से एक 10 दिन के बच्चे की मौत हो गई। इन झोपड़ियों मे गौला श्रमिक रहते थे और करीब आधा दर्जन झोपडियां जलकर राख हो गई हैं। स्थानीय लोगों की सूचना के बाद पुलिस घटना स्थल पर पहुंची और स्थानीय लोगों के सहयोग से आग बुझाने का प्रयास किया गया। कहा जा रहा है कि किसी के बीड़ी सिगरेट फेकने से आग लगी हो सकती है। घटना के बाद क्षेत्र में मातम मसरा हुआ है।

खबर के मुताबिक शनिवार की दोपहर को बेरीपड़ाव खनन निकासी गेट पर स्थित मजदूर मनोज पाल व सुखमनिया की झोपड़ी में आग लग गई। उस वक्त मनोज पाल गौला नदी में मजदूरी करने व उसकी पत्नी रूबी देवी पानी भरने के लिए गई थी। जबकि पड़ोसी सुखमनीया बकरियों को चराने के लिए जंगल गई थी। घर पर मनोज पाल के 10 दिन के बच्चे राजा समेत तीन बच्चे घर पर थे। जब तक कोई कुछ समझ पाता तब तक दोनों झोपड़ी जलकर राख हो गई और उसमें सोया हुआ 16 दिन का बच्चे राजा की जलने से मौत हो गई। पड़ोसियों ने किसी तरह अन्य दो बच्चों को बाहर निकालकर बचाया। आसपास के लोगों ने आग को फैलने से रोकने के लिए काफी प्रयास किए। करीब आधे घंटे बाद पहुंची फायर ब्रिगेड की दो वाहनों ने आग पर काबू पाया। अग्नि कांड के बाद दोनों परिवार खुले आसमान के नीचे आ गए हैं। इधर विधायक नवीन दुम्का ने मौके पहुंचकर पीड़ित परिजनों को सांत्वना देते हुए सहायता करने का आश्वासन दिया।

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