हल्द्वानी:700 लोगों को राहत देगा सीएम रावत का फैसला, लॉकडाउन में हुई थी चूक

हल्द्वानी: मुख्यमंत्री पद संभालने के बाद तीरथ सिंह रावत की टीम ने लॉकडाउन के दौरान कोरोना वायरस के नियम तोड़ने पर दर्ज हुए मुकदमों को वापस लेने की बात कही थी। कैबिनेट के फैसले के बाद नैनीताल जिले के करीब 700 लोगों को राहत मिलेगी। हालांकि पुलिस के पास अभी तक शासनादेस नहीं पहुंचा है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार पुलिस द्वारा अधिकतर मामलों में चार्जशीट लगा दी गई है। पिछले साल कोरोना वायरस के प्रकोप के बाद 22 मार्च 2020 से लॉकडाउन घोषित किया गया था। कोरोना वायरस से बचाव हेतु नियम भी बनाए गे थे और उन्हें तोड़ने वालों के खिलाफ सख्त एक्शन भी लिया गया था। जिले में बिना मास्क, सामाजिक दूरी का पालन नहीं करने वाले करीब 700 लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया। शासनादेश आने के बाद ही पुलिस कैबिनेट द्वारा लिए गए फैसले पर अमल करेगी।

बता दें कुमाऊं की करें तो करीब 1600 से ज्यादा लोगों पर कोरोना महामारी अधिनियम के तहत केस दर्ज किए गए थे। बागेश्वर में 250 से ज्यादा केस दर्ज हुए थे। अल्मोड़ा में यह आंकड़ा 75 रहा था। चंपावत में यह संख्या 199 थी। पिथौरागढ़ में 250 और ऊधमसिंह नगर में 287 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज हुआ। वहीं पूरे प्रदेश में करीब 4500 लोगों पर ऐसे मुकदमे दर्ज किए गए हैं। पहली बैठक में सरकार ने लॉकडाउन के दौरान कोविड महामारी अधिनियम और आपदा प्रबंधन अधिनियम के तहत नियमों का उल्लंघन करने पर दर्ज मुकदमों को वापस और 2016 के बाद प्रदेश में गठित विकास प्राधिकरणों में नक्शा पास कराने की बाध्यता को खत्म करने का फैसला लिया था।


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