दर्द देते हैं उत्तराखंड के ये हालात, इलाज के लिए 15 किमी दूर बैठाकर ले गए डोली में

नैनीतालः यूं तो देवभूमि उत्ताराखंड पूरी दुनिया में अपनी खूबसूरती के लिए मशहूर है। लेकिन आज भी यहां के कुछ गांव ऐसे हैं जहां खूबसूरत वादियां तो हैं लेकिन चलने के लिए सड़कें नहीं हैं। इसके चलते लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। सरकार वादें तो करती हैं लेकिन उन वादों पर कभी अमल नहीं करती। इन झूठे वादों की वजह से लोगों की जिंदगी के साथ भी खिलवाड़ होता आया है। ओखलकांडा विकासखंड के कुकना गांव को इन दिनों वायरल बुखार ने अपनी चपेट में ले लिया है।

बता दें कि गुरुवार की दोपहर प्रकाश चम्याल उम्र 25 साल को तेज बुखार होने के कारण ग्रामीण उसे डोली में बैठाकर 15 किमी पैदल लेकर मुख्य सड़क तक पहुंचे। यहां से परिवारवालों ने मेडिकल स्टोर से पीसीएम दी और प्रकाश को 150 किमी दूर हल्द्वानी के सुशीला तिवारी अस्पताल में भर्ती कराया। सामाजिक कार्यकर्ता मदन नौलिया का कहना है कि प्रकाश चम्याल के साथ ही ग्रामसभा कुकना के आधे से ज्यादा लोग बुखार की चपेट में हैं। इनमें गणेश सिंह, ललित मोहन, कमला देवी, भावना जोशी, चंपा देवी, सुरेश चंद्र, किशोर सिंह, राम सिंह, तारी देवी, मंजू देवी, खष्टी देवी, कृष्ण चंद्र, दीवान सिंह, खड़क सिंह, सविता और नरेश आदि भी वायरल बुखार से पीड़ित है।

ग्रामीण प्रशासन और सरकार से नाखुश है। उनका कहना है कि कई बार प्रशासन, जनप्रतिनिधियों और सरकार से इलाके में सुविधाओं से युक्त पीएचसी की मांग कर चुके है लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। वहीं ओखलकांडा विकासखंड का पीएचसी स्वास्थ्य सुविधाओं के अभाव में है। स्वास्थ्य का अधिकार जनता का सबसे पहला अधिकार होतो है लेकिन राज्य और क्षेत्र में बेहतर सवास्थ्य सेवाओं के अभाव में रोजाना हजारों लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।

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