हल्द्वानी में डेंगू ने बढ़ाया तापमान, मच्छर के डंक से शहर पस्त

हल्द्वानी: शहर में डेंगू का प्रकोप तेजी से फैल रहा है। इस डेंगू ने हल्द्वानी में लोगों के बीच दहशत फैला दी है। हॉस्पिटल पैक हो गए हैं। वही विभाग की लापरवाही भई सामने आ रही है जो आंकड़ों को छिपाने की कोशिश कर रहा है। डेंगू और वायरल बुखार ने जिला प्रशासन की सांसे भी फूला दी है रोकधाम के लिए अभियान जारी लेकिन हॉस्पिटल में इंतजाम अभी भी अधूरे हैं।

base hospital

ताजा आंकड़ो के मुताबिक मंगलवार को शहर में डेंगू के मरीजों की संख्या 66 बढ़ी है। इस बारे में स्वास्थ्य विभाग ने भी पुष्टि की है। इसके अलावा वायरल बुखार से ग्रस्त मरीजों की संख्या 240 है। ये सभी आंकड़े सरकारी हॉस्पिटलों के है। प्राइवेट हॉस्पिटल के आंकड़े सामने नहीं आए है लेकिन वहां भी वॉर्ड के फुल बेड गंभीर स्थिति को बयां कर रहे हैं। मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो डेंगू से ग्रस्त मरीजों की संख्या शहर में 300 से पार हो गई है जो सच में डराने वाली बात है।

ward base hospital

मरीजों की संख्या के बढ़ने से सरकारी हॉस्पिटल प्रशासन भी परेशान है। बात सुशीला तिवारी हॉस्पिटल की करें तो बेड बढ़ाने के बाद भी परेशानी का हल नहीं निकल रहा है। पहले एक बेड में दो मरीजों को भर्ती किया गया था जो जिसकी संख्या अब 3 हो गई है। इसके अलावा हॉस्पिटल में दो दिन से सीटी स्कैन मशीन भी खराब है।

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बता दें कि रोजाना सीटी स्कैन कराने वालो की संख्या 30 रहती है लेकिन मशीन के दगा देने से मरीजों को वापस लौटाया जा रहा है। वहीं शहर के सोबन सिंह जीना हॉस्पिटल की हालात भी सामान है। मंगलवार को बेस हॉस्पिटल के पैथोलॉजी सेंटर में डेंगू की दांच के लिए एलाइजा किट खत्म हो गई थी। सूचना के बाद स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने किट हॉस्पिटल में मुहैया कराई। हालात इतने बिगड़ गए हैं कि हॉस्पिटल में मरीजों के बैठने की जगह नहीं हो पा रही है और वो जमीन में सोते नजर आ रहे हैं। इस बारे में सीएमओं डॉक्टर भारती राणा ने कहा कि अतिरिक्त बेड का इंतजाम किया जा रहा है। एक बेड में दो-तीन मरीज इमरजेंसी में रखे जा रहे है। तबीयत में सुधार होने के बाद मरीजों को जनरल वॉर्ड में रखा जाएगा। सामान्य बुखार वाले मरीजों को जल्दी डिस्चार्ज करने के निर्देश दिए गए हैं।

हॉस्पिटलों के फुल होने से लोगों को विवश होकर झोलाछाप डॉक्टरों के पास जाना पड़ रहा है। डेंगू के मरीजों को पेन किलर नहीं दिया जाता है लेकिन झोलाछाप डॉक्टर मनमाने तरीके से मरीजों को ये दे रहे हैं।

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