आर्थिक तंगी से लड़कर पिता ने पढ़ाया, हल्द्वानी की बेटी ने किया सपना साकार

हल्द्वानी: शुक्रवार को आईएसएस के नतीजों की घोषणा हुई। हल्द्वानी शहर की दो बेटियों ने टॉप 10 में जगह बनाई। भावना जोशी को ऑल इंडिया 5वां स्थान मिला तो प्रीति तिवारी 9वी रैंक हासिल करने में कामयाब रही। प्रीति के लिए यह सफर आसान नहीं था क्योंकि घर की आर्थिक स्थिति इतनी अच्छी नहीं थी। लेकिन पिता ने बच्चों को इसकी परवाह ना करते हुए केवल पढ़ाई और अपने सपने साकार करने पर ध्यान देने को कहा तो बेटी ने भी परिवार के परिश्रम को कामयाबी के शिखर तक पहुंचा दिया।

गैस गोदाम रोड दुर्गा विहार निवासी प्रीति तिवारी ने इंडियन स्टैटिस्टिकल सर्विस परीक्षा-2019 में ऑलइंडिया में नवीं रैंक हासिल की। उन्होंने राजस्थान के निजी कॉलेज से बीएससी और स्टेटिक्स में एमएससी की डिग्री 2017 में हासिल की। इसके बाद उन्होंने एक साल तक जयपुर में रहकर आईएसएस परीक्षा की कोचिंग ली।साल 2018 में लिखित परीक्षा उत्तीर्ण कर ली थी, लेकिन इंटरव्यू में सफलता नहीं मिली। 2019 की परीक्षा में सफलता मिली है।   पिता मोहन चंद्र तिवारी एचएमटी में थे। उन्होंने स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति ले ली है। वहीं मां मां रजनी तिवारी गृहणी हैं।

पिता मोहन चंद्र तिवारी एचएमटी में कार्यरत थे, जहां कई बार महीनों तक सैलरी नहीं मिल पाती थी। इसके चलते आर्थिक स्थिति कमजोर हुई लेकिन पिता इसका प्रभाव प्रीति की पढ़ाई पर पड़ने नहीं दिया। उन्होंने स्कूल की पढ़ाई पूरी होने के बाद स्नातक की पढ़ाई के लिए बैंक से लोन लिया। परास्नातक की पढ़ाई स्कालरशिप से पूरी हुई।  प्रीति तिवारी ने इंटरमीडिएट तक की पढ़ाई आर्यमान विक्रम बिड़ला स्कूल से 2012 में की। प्रीति की छोटी बहन कनिका तिवारी ने भी बिड़ला स्कूल से ही पढ़ाई की और मौजूदा वक्त में वह इंफोसिस में कार्यरत हैं।