हल्द्वानी SBI में किसके हैं 27 करोड़ रुपए, ग्राहकों को खोज रहा है बैंक

हल्द्वानी: बैंक में लोग अपनी मेहनत की कमाई जमा करते हैं। इसका इस्तेमाल अच्छे और बुरे वक्त दोनों के लिए किया जाता है। बैंक की तरफ से अगर कोई शुल्क भी काटा जाता है तो लोग बैंक पहुंचकर जानकारी लेते हैं लेकिन हल्द्वानी एसबीआई मुख्य ब्रांच से एक रोचक जानकारी सामने आ रही है, जहां बैंक के पास 27 करोड़ रुपयों के मालिक की जानकारी नहीं हैं। जी हां , आपने सही सुना 27 करोड़ रुपए। लगता है लोग अपनी मेहनत की कमाई जमाकर भूल गए हैं और सिर दर्द बैंक का हो रहा है।

बैंक की कोशिश नाकाम

हल्द्वानी एसबीआई मुख्य शाखा में पिछले 10 सालों में खोले गए 339 खातों से पैसें निकाले ही नहीं गए हैं। यह रकम कुल 27 करोड़ 38 लाख रुपए हो गई है। बैंक अधिकारियों के अनुसार ये रकम नौकरी करने वाले व अन्य लोगों की सैलेरी से जमा होने वाली पीपीएफ, एफडी, सेविंग, करेंट आदि खातों में जमा हुई है। बैंक के अनुसार खाता धारकों को फोन, मेल और पत्र के माध्यम से संपर्क साधने की कोशिश की गई है लेकिन कोई जवाब नहीं आया है।

ये आंकड़े सिर्फ एसबीआई के हैं, शहर में कई ऐसे बैंक हैं, जहां लोग अपने खाते में सिर्फ पैसे डाल रहे हैं, निकाल नहीं रहे हैं। इसके अलावा कई खाते ऐसे ही होते हैं जिसमें कोई भी लेने-देन नहीं होता है। इन खाता धारकों से संपर्क और इनका पता लगाने में बैंक के पसीने छूट जाते हैं। बात कुसुमखेड़ा एसबीआई की करें तो यहां 800 खातें ऐसे जिनके मालिकों के बारे में नहीं पता है। इन खातों में जमा रकम करीब एक लाख के आसपास है।

अब क्या करेंगा बैंक

बैंक अधिकारियों के मुताबिक जिन खातों से पिछले 10 सालों में कोई लेने-देने नहीं होता है उन खातों की रकम आरबीआई के गाइडलाइन के अनुसार डिपॉर्जिटर एजुकेशन एंड अवरेनेस फंड ( डीएएएफ) में ट्रांसफर कर दी जाती है। अगर कोई ग्राहक खाते के ट्रांसफर होने के बाद बैंक में जमा राशि लेने आता है तो उसे केवाईसी की औपचारिक प्रक्रिया से गुजरना पड़ता है। इसके बाद वह अपनी जमा रकम पर दावा कर सकता है।

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