हल्द्वानी के क्रिकेट फैंस के लिए खुशखबरी, इस मैदान पर होंगे दिलीप ट्रॉफी के मैच !

हल्द्वानी: राज्य में क्रिकेट को लेकर अच्छी खबर आ रही है। क्रिकेट फैंस अब अपने क्षेत्र में घरेलू क्रिकेट का आनंद ले पाएंगे। बीसीसीआई सेंट्रल जोन के हेड क्यूरेटर ने प्रदेश के मैदानों का निरीक्षण किया और नौ मैदानों के लिए संतुष्टि भी दिखाई है। इन मैदानों को कमियों में सुधार और व्यवस्थाएं बेहतर बनाने के निर्देश दिए गए हैं, जिसके बाद कमेटी मैच के आयोजन पर हरी झंड़ी देगी।

बता दें कि बीसीसीआई का घरेलू सत्र इस वर्ष 17 अगस्त को दलीप ट्रॉफी के साथ शुरू हो रहा है। फिलहाल मुकाबले का फिक्सर तय नहीं किया गया है। पिछले वर्ष उत्तराखंड को रणजी समेत अन्य प्रतियोगिताओं के कई मुकाबलों की मेजबानी मिली थी, जिसके बाद से ही उत्तराखण्ड के मैदानों की स्थिति पर जोर दिया जानें लगा था। पिछले साल रायपुर स्थित अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम, अभिमन्यु क्रिकेट एकेडमी, सेलाकुई इंटरनेशनल स्कूल, तनुष क्रिकेट एकेडमी समेत कुछ अन्य मैदानों पर मुकाबले खेले गए थे। इस वर्ष प्रदेश में आयोजन स्थलों की संख्या बढ़कर नौ  हो सकती है।

उत्तराखण्ड के अन्य मैदानों में मुकाबलों के लिए बीसीसीआई सेंट्रल जोन के हेड क्यूरेटर आशीष भौमिक ने प्रदेश में मैदानों  का जायजा लिया था। उन्होंने मेलकानी क्रिकेट ग्राउंड हल्द्वानी , अभिमन्यु क्रिकेट स्टेडियम, रायपुर अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम, तनुष क्रिकेट एकेडमी, स्पोर्ट्स कॉलेज देहरादून, कसीगा इंटरनेशनल स्कूल, सेलाकुई इंटरनेशनल स्कूल, दून क्रिकेट एकेडमी कुआंवाला और हाईलैंडर क्रिकेट एकेडमी काशीपुर को आयोजन के लिए उपयुक्त बताया है। लेकिन उन्होंने  आउटफील्ड, सुपर सोपर, रोलर, ग्रास कटर, कवर्स समेत कई अन्य महत्वपूर्ण मसलों पर उन्होंने सुधार की नसीहत भी दी है। सूत्रों के अनुसार बीसीसीआई इन मैदानों में उत्तराखंड को आयोजन की मेजबानी दे सकती है।  

देहरादून में पिच क्यूरेटरों को दिया प्रशिक्षण

राजधानी देहरादून में  प्रदेश के पिच क्यूरेटरों के लिए दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित की गई। सेलाकुई इंटरनेशनल स्कूल में ईस्ट जोन के हेड क्यूरेटर तापोश चटर्जी ने सभी क्यूरेटर को विकेट और मैदान के रखरखाव की जानकारी दी। बीसीसीआई समन्वयक अमित पांडे ने कहा कि पिच और मैदान का सही रहना काफी महत्वपूर्ण है। उत्तराखण्ड क्रिकेट के क्षेत्र में आगें बढ़ रहा है और इन चीजों का ज्ञान जरूरी है।