हल्द्वानी मल्ली बमोरी की महिलाओं का एक सवाल, चुनाव के बाद हमें क्यों भूल जाते हो साहब-वीडियो

हल्द्वानीः लोकसभा चुनाव का काउंट डाउन शुरू हो गया है। 11 अप्रैल को पहले चरण में चुनाव होने है। उत्तराखण्ड में भी 11 अप्रैल को मतदान होगा। चुनावी हवा को अपनी ओर करने के लिए  प्रत्याशियों ने अपना पूरा जोर लगा दिया है। आखिर अब समय ही मात्र एक हफ्ते का बचा है। इस लिए कोई भी प्रत्याशी किसी भी प्रकार की भी चूक नहीं करना चाह रहा है। वहीं हल्द्वानी की बात करें तो शहर की जनता अपने मताधिकार का प्रयोग करने के लिए उत्सुक दिख रही है।

हल्द्वानी लाइव की टीम जब मल्ली बमोरी में जनता से विकास के मुद्दो पर बात करने पहुंची तो चुनाव को लेकर महिलाओं में सबसे ज्यादा उत्सुकता देखी गई। जब महिलाओ से शहर की सबसे बड़ी परेशानी के बारे में पूछा गया तो महिलाओं मे पलायन को सबसे बड़ा मुद्दा बताया।

उनका यह कहना था कि उत्तराखंड में पूर्ण रूप से विकास कार्य नहीं चल रहा है। जिसके कारण आज भी हमारे बच्चों को राज्य से बाहर जाकर नौकरी करनी पड़ती है और इस कारण पलायन करने पर युवा मजबूर हो रहा है। साथ ही महिलाओं ने बताया कि शहर में हर एक चुनाव में कॉलोनियों में पार्क को बनाने की बात करी जाती है पर काम आज तक इसका काम शुरू नहीं हुआ है।

महिलाओं ने गांव की सड़कों के बारे में ध्यान ना देने की बात करी। साथ ही गांव में मेडिकल की व्यवस्था तक ना होने की बात करी। महिलाओं ने आयुष्मान योजना पर भी अपनी नाराजगी दिखाई और बताया कि आयुष्मान योजना कार्ड होने के बावजूद समय पर इलाज नहीं मिल पा रहा है। महिलाओं ने बताया कि कार्ड में जिन अस्पतालों का नाम दिया गया हैं ,उन अस्पतालों में इलाज नहीं किया जा रहा है।

महिलाओं ने मतदान को लेकर बोला कि वह इस बार किसी पार्टी को ना देख व्यक्ति विशेष पर भरोसा जताएगी और नेताओं को मातृ शक्ति का अहसास करायेगी। महिलाओं का कहना था कि वह हर नेता के वादों को याद कर के ही मतदान करेगी। महिलाओं ने कहा कि सरकार ने जो करना था वो कर लिया, अब जनता अपने मत से उनके भविष्य को तय करेगी।