हल्द्वानी: कुछ लोगों को हमेशा सर्दी-जुकाम की शिकायत रहती है। यह मामले अधिकतर साइनोसाइटिस यानी साइनस के होते हैं। सबसे पहले यह जानना जरूरी है कि यह क्या है? दरअसल, हमारी खोपड़ी में बहुत-सारी कैविटीज़ (खोखले छेद) होती हैं। ये हमारे सिर को हल्का बनाए रखने और सांस लेने में मदद करती हैं। इन छेदों को साइनस कहते हैं। अगर इन छेदों में बलगम भर जाती है तो सांस लेने में परेशानी होने लगती है। इस समस्या को ही साइनोसाइटिस कहते हैं।हल्द्वानी स्थित साहस होम्योपैथिक के डॉक्टर नवीन चंद्र पांडे ने बताया कि  आम बोलचाल में इसे साइनस भी कहा जाता है। पिछले कई सालों में इस बड़ी संख्या लोग इस बीमारी का शिकार हुए जिन लोगों को एलर्जिक साइनस होता है, उन्हें पोलन सीजन और सर्दियों में स्मॉग होने पर समस्या बढ़ने का खतरा रहता है।

पहले जुकाम और प्रदूषण की वजह से गले में खिचखिच पैदा होती है। इसी के साथ नाक बंद होना, नाक बहना और बुखार जैसी शिकायतें होने लगती हैं। अगर ये लक्षण कई दिनों तक बने रहें तो ये एक्यूट साइनस हो सकता है। अगर यह समस्या बार-बार होने लगे या तीन महीने से ज्यादा समय तक बनी रहे तो यह क्रॉनिक साइनस हो सकता है। वीडियो के माध्यम से आपकों इस परेशानी से निजात दिलाने के लिए कुछ होम्योपैथिक दवाएं बताई जो कि इस प्रकार हैं।