ब्रिटेन से उत्तराखंड पहुंचे 200 से ज्यादा प्रवासी,कइयों ने बंद किए फोन,स्वास्थ्य विभाग परेशान…

देहरादून: कोरोना वायरस के बीच नए स्ट्रेन ने सभी की सांसे फुला दी हैं। साल 2020 तो कोरोना वायरस के वजह से बर्बाद हुआ। लोगों को नए साल का इंतजार था और उम्मीद थी कि साल 2021 में कोरोना का सफाया हो जाएगा क्योंकि वैक्सीन आने वाली है। वैक्सीन देश में सकारात्मक माहौल बना ही रही थी कि स्ट्रेन के मामलों ने दहशत फैला दी है। उत्तराखंड में भी ब्रिटेन से लोग पहुंच रहे हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार ब्रिटेन से 227 लोग उत्तराखंड पहुंचे हैं। जिनमें से 202 लोगों को ट्रेस कर लिया गया है। इस बारे में देहरादून एसपी सिटी ने जानकारी दी कि यूके से पहुंचे 202 लोगों को ट्रेस किया गया है लेकिन 25 लोग अभी भी बाकी हैं। पुलिस, स्थानीय इंटेलिजेंस यूनिट और अन्य यूनिट उन्हें ट्रेस करने में जुटी हुई हैं।

देश में स्ट्रेन के मामले सामने आने के बाद सभी राज्यों ने बचाव की दिशा में कार्य शुरू कर दिया है। इलाज के लिए हॉस्पिटलों को तैयार किया जा रहा है। ब्रिटेन से लौटने वालों को ट्रेस करना विभाग के लिए सिर दर्द बन गया है। कोरोना वायरस के चलते स्वास्थ्य विभाग पहले ही चुनौती का सामना कर रहा था और अब स्ट्रेन ने इसे दोगुना कर दिया है। विभाग ने बचाव के लिए सभी को हिदायत दी है कि बाहर से लौटने वाले होम आइसोलेशन में रहें। जो लोग बाहर से आ रहे हैं उन्हें विभाग की टीम ट्रेस कर रही है। इसके बाद उनके सैंपल लिए जा रहे हैं। कोरोना संक्रमित होने पर उन्हें संस्थागत क्वारंटाइन किया जा रहा है। ‘

बता दे कि कोरोना वायरस का नया रूप मिलने के बाद ब्रिटेन से लौटे लोगों के सैंपल की जिनोम सीक्वेंसी जांच अनिवार्य की गई है। जिनोम सीक्वेंसी से शरीर में मौजूद स्ट्रेन के बारे में पता चलता है। यह सभी सैंपल फिलहाल बाहर भेजे जा रहे हैं। ब्रिटेन से वापस लौटे लोगों की सैंपलिंग स्वास्थ विभाग की ओर से लगातार जारी है। तीसरे दिन विभाग ने 11 लोगों के सैंपल लिए। विभाग को पता चला है कि पिछले एक महीने में ब्रिटेन से 131 लोग देहरादून पहुंचे हैं।

जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने शनिवार से इन सभी की जांच करना शुरू कर दिया है। रविवार को ब्रिटेन से लौटे 5 लोग कोरोना संक्रमित पाए गए थे। इसके अलावा संपर्क में आए एक व्यक्ति में भी संक्रमण पाया गया है। सभी को आइसोलेशन में रखा गया है। उनकी सेहत की मॉनिटरिंग की जा रही है। उनके संपर्क में आए लोगों के भी सैंपल लिए जाएंगे। ब्रिटेन से लौटे लोगों को ट्रेस करना एवं उनकी सैंपलिंग करना प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग के लिए चुनौती बन गया है। कई प्रवासियों के नंबर बंद आ रहे हैं तो कई पहाड़ चले गये हैं।

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