नैनीताल खबर: डीएम के निर्देश, जल्द सीज हो अवैध अल्ट्रासाउण्ड सेंटर्स

नैनीताल: डीएम विनोद कुमार सुमन की अध्यक्षता में शुक्रवार को जिला कार्यालय सभागार में पीसीपीएनडीटी समिति की बैठक सम्पन्न हुई।  डीएम सुमन ने निर्देशित किया कि अधिनियम का सख्ती से अनुपालन कराना सुनिश्चित करें तथा जो अल्ट्रासाउण्ड सेंटर पंजीकृत नहीं है, उन्हें तत्काल सीज करने की कार्यवाही की जाए। उन्होंने कहा कि जनपद में पंजीकृत अल्ट्रासाउण्ड सेंटरों एवं अस्पतालों से पीसीपीएनडीटी एक्ट का शतप्रतिशत अनुपालन कराना सुनिश्चित करें तथा भ्रूण परीक्षण की निगरानी हेतु सभी मशीनों में साइलेंट आब्जर्वर एवं ट्रेकिंग डिवाइस लगाना सुनिश्चित करें। एक्ट के अन्तर्गत गठित जिला निरीक्षण एवं मूल्यांकन समिति द्वारा प्रत्येक त्रैमास में अनिवार्य रूप से निरीक्षण किया जाए तथा निरीक्षण में समस्त अल्ट्रा साउंड मशीनों, इको कार्डियो ग्राफी, एमआरआई, यूरोलॉजी, सहित समस्त इमेजिंग उपकरणों जिनसे गर्भस्थ शिशु का लिंग परिक्षण संभव है का गहनता से निरीक्षण किया जाए।  लिंग परीक्षण पर प्रभावी रोक हेतु चिकित्सा, शिक्षा तथा बाल विकास विभाग आपसी समन्वय से कार्य करें और गर्भवती महिलाओं के आवागमन एवं क्रिया विधि पर पैनी नज़र बनाए रखे ताकि कोई भी व्यक्ति जनपद के बाहर किसी अन्य स्थान पर भी लिंग परीक्षण न करा सके।

डीएम सुमन ने लिंग परिक्षण की सूचना देने वाले व्यक्ति को 10,000-(दस हजार रूपये) का इनाम दिए जाने की योजना को जारी रखने एवं सूचना देने वाले व्यक्ति का नाम व पता पूर्ण रूप से गोपनीय बनाए रखने के निर्देश दिए।  बैठक में मुख्य शिक्षा अधिकारी डाॅ.भारती राणा ने बताया कि जनपद की समस्त निजी चिकित्सालयों की क्रियाशील 49 अल्ट्रा साउंड मशीनों पर साइलेंट आब्जर्वर स्थापित किये जा चुके हैं जबकि समस्त राजकीय चिकित्सालयों की 07 अल्ट्रा साउंड मशीनों पर वर्ष 2013 में ही साइलेंट आब्जर्वर स्थापित किये जा चुके हैं। उन्होंने बताया कि अधिनियम के अंतर्गत समस्त राजकीय व निजि अल्ट्रा साउण्ड वाले सेंटरों एवं चिकित्सालयों को पंजीकृत किया जाता है तथा प्रत्येक 5 वर्ष में सभी चिकित्सालयों का पुनः नवीनीकरण प्रदान किया जाता है। पीसीपीएनडीटी अधिनियम के अंतर्गत लिंग परिक्षण किये जाने एवं पकड़े जाने पर 50,000- से 100000- रूपये तक का जुर्माना तथा 3 से 5 वर्ष तक की सजा का प्रावधान है। वर्तमान में जनपद नैनीताल में 51 पंजीकृत चिकित्सालय हैं जिसमें 10 राजकीय चिकित्सालय तथा 41 निजी चिकित्सालय में समस्त पंजीकृत चिकित्सालयों का नियमितनिरीक्षण किया जाता है जिसमें किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर सम्बंधित चिकित्सालय के विरुद्ध विधिक कार्यवाही की जाती है। दो वर्षों के बाल लिंगानुपात के आंकड़ों के विश्लेषण की जानकारी देते हुए बताया कि वर्ष 2017-18 में जनपद में प्रति हजार बालकों पर 903 बालिकाएं थी,वही वर्ष 2018-19 में प्रति हजार बालकों पर 940 बालिकाएं हैं।  जनपद में सर्वाधिक लिंगानुपात वाला ब्लाॅक भीमताल है जिसका लिंगानुपात 1221 है तथा सबसे कम लिंगानुपात वाला ब्लाॅक धारी है जिसका लिंगानुपात 799 है। उन्होंने बताया कि जनपद में चलााए जा रहे विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से लिंगानुपात में सुधार हुआ है।

बैठक में मुख्य विकास अधिकारी विनीत कुमार, अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डाॅ.रश्मि पन्त, मुख्य शिक्षा अधिकारी केके गुप्ता, जिला कार्यक्रम अधिकारी अनुलेखा बिष्ट, जिला प्रोबेशन अधिकारी अंजना गुप्ता, डीपीआरओ अतुल प्रताप सिंह, विमर्श संस्था से कंचन भण्डारी, पीएलवी मोहित कुमार सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे।