नैनीतालः रोहित तिवारी को नशे की कीमत अपनी जान गंवा के चुकानी पड़ी, हॉस्पिटल में तोड़ा दम

हल्द्वानीः पांच दिन पहले हुआ गोलीकांड अब हत्या में बदल गया है। मंगलवार को हुए गोलीकांड के दोषी को पुलिस ने दो दिन के अंदर पकड़ तो लिया पर इस घटना के सामने आने से पूरा नैनीताल जिला हिल गया। दोषियों को पकड़ने के बाद पता चला की पूरे कांड की जड़ नशा है। बीकॅाम के छात्र होने के अलावा छात्र राजनीति के बाद रोहित का भविष्य अंत ऐसा होगा शायद ही किसी ने सोचा होगा। सिर पर गोली लगने के बाद रोहित पाँच दिन तक मौत से लड़ता रहा ।छात्र राजनीति के बाद रोहित का नशे में जाना एक प्रश्न खड़ा करता है। हत्याकांड के बाद दोषी संदीप ने खुद कबुल करा है कि उसने रोहित को इसलिए मारा क्योंकि रोहित ने संदीप के भाई विशाल को नशे का आदि बना दिया था । जिससे परेशान होकर संदीप ने ये कदम उठाया । इस वक्त संदीप और अंकुर दोनो पुलिस हिरासत में है । तो वही घटना स्थल पर रोहित तिवारी के साथ मौजूद शुभम साह सरकारी गवाह बनने को तैयार हो गया है। शुभम साह को पुलिस ने सर्विलांस की मदद से अल्मोड़ा से पकड़ा था ।रोहित तिवारी के कुछ छात्र-जीवन के दोस्तों ने बताया की 2007 में इंटर के बाद रोहित ने डीएसबी कालेज में बीकॅाम की कक्षा में दाखिला लिया। रोहिल के मिलनसार स्वभाव से कालेज में सब ही खुश रहते थे। जिसके कारण रोहित ने 2010 में छात्र राजनिति में कदम रखते हुए कोषाध्यक्ष का चुनाव लड़ा पर कुछ कारणो से रोहित चुनाव हार गया। जिसके बाद 2013 से रोहित का भविष्य नशे की ओर बड़ता चला गया। पैसों की कमी के कारण रोहित नशे की पूर्ति के लिए नशे को कारोबार बना बैठा। जिसके बाद रोहित को नशे की कीमत अपनी जान गवा के चुकानी पड़ी। परिवार की आर्थिक स्थिति ठीन नहीं होने के कारण उसका इलाज निजी हॉस्पिटल में नहीं हो सका था।

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