वाराणसी:प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में मंगलवार को कैंट इलाके में एक निर्माणाधीन पुल के गिरने से अफरा-तफरी मच गई। इस हादसे में 50 से अधिक लोगों के दबे होने की आशंका जताई जा रही है। वहीं 16 लोगों की मरने की खबर सामने आ रही है। इस खबर ने पूरे देश में कोहराम मच गया है। इस हादसे की दर्दनाक तस्वीरे सामने आ रही है जिससे देखर आपकी रूह कांप जाएगी।

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इस हादसे के पीछे प्रशासन की लापवाही सामने आई है। बताया जा रहा है कि दो दिन पहले ही स्लैब पुल के ईपर रखी गई थी जिसे जोड़ने का नाम चल रहा था। प्रशासन ने पुल के नीचे ट्रैफिक को रोकना भी जरूरी नहीं समझा।10 फीट चौड़े दो स्लैब भरभराकर गिर पड़े।

इसकी चपेट में एक मिनी बस और चार कारों समेत कई गाड़ियां और लोग आ गए। जहां हादसा हुआ, वह बनारस का सबसे व्यस्त इलाका है। यह कैंट स्टेशन 100 मीटर दूरी पर स्थित है। चश्मीदीदों के मुताबिक, करीब 6 कारें और एक बस भी मलबे में दबी हुई है। हालांकि, अभी तक प्रशासन ने किसी मौत की पुष्टि नहीं की है।

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राहत एवं बचाव कार्य शुरू कर दिया गया है। वाराणसी के कैंट स्टेशन के सामने निर्माणाधीन पुल का एक हिस्सा गिर गया है। वहीं राहत बचाव कार्य शुरू हो गया है। इस फ्लाईओवर निर्माण का काम 2015 में शुरू हुआ था। राहत कार्य शुरू हो गया है और घायलों लोगों को मलबे से निकाला जा रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हादसे पर दुख जताया है। मुख्यमंत्री ने प्रशासन को तेजी से राहत कार्य करने के आदेश दी है। मुख्यमंत्री आदित्यनाथ ने घटना की जांच के लिए 3 सदस्यीय समिति का गठन किया और 48 घंटे में रिपोर्ट देने का निर्देश दिया है।एनडीआरएफ की 5 टीमें घटनास्थल पर मौजूद हैं। हर टीम में 50 जवान हैं। राहत और बचाव आयुक्त संजय कुमार ने बताया कि अब तक 16 शव बरामद हुए हैं।मलबे को हटाने के लिए छह क्रेन मंगाए गए हैं। बताया जा रहा है कि मृतकों की संख्या बढ़ सकती है।