नई दिल्ली: मनुष्य जीवन में दोस्ती के मायने काफी अलग है। ये एक ऐसा पवित्र रिश्ता है तो एक खून ना होने के बाद भी एक खून होने का परिचय देता है। महिला सुरक्षा की व्यवस्था का स्तर देश में रोजाना गिर रहा है। रेप जैसी वारदात थमने का नाम नहीं ले रही है। अमृतसर से एक ऐसा मामला आया है जिसने दोस्ती जैसे रिश्ते को शर्मसार तो किया ही उसके अलावा इंसानियत पर भी कलंक लगाया। मां और बेटी के साथ कुछ युवकों ने रेप करने की कोशिश की। वह अपने मसूबों पर कामयाब नहीं हुए तो उन्होंने दोनों को पकड़े डाने के डर से जला दिया। सबसे चौकाने वाली बात ये सामने आई कि आरोपियों में से एक शख्स मृतक महिला के बेटे के दोस्त निकला।

इस डबल मर्डर को पांच फरवरी की रात को अमृतसर के दर्शन एवेन्यू में अंजाम दिया गया। मृतक की पहचान गगनदीप वर्मा और उनकी बेटी शिवनैनी वर्मा के तौर पर हुई । पुलिस ने बताया कि गगन वर्मा सरकारी स्कूल की क्लर्क थी। इस मामले में पुलिस विगत गुरवार को  दो लोगों को गिरफ्तार करने का दावा किया है। गौरतलब है कि जिन दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया उनमें से एक महिला के बेटे का दोस्त पंकज शर्मा भी शामिल है।

पुलिस ने बताया कि आरोपी पंकज शर्मा 21 साल का है जबकि दूसरा आरोपी नीरज लगभग 18 साल का है। दोनों आरोपी  गुरु गोबिंद सिंह नगर छेहर्टा के रहने वाले हैं। बताया जा रहा है कि आरोपी पंकज का गगनदीप शर्मा के वहां पहले से आना जाना था। वो उनके बेटे  रिदम का दोस्त था। पंकज की नजर गगनदीप  वर्मा के पैसों पर थी और उन्होंने इसलिए मडर को अंजाम भी दिया।दोनों आरोपी घर से केवल 670 रुपए और नकली जेवरात ही लूट पाए। पुलिस ने बताया कि मृतक का बेटा रिदम  बीस दिसंबर को ही कनाडा चला गया था। घर में लूट के इरादे घुसे आरोपियों ने पहले गगन वर्मा  जबरदस्ती करने की कोशिश की और उसके साथ भी रेप में नाकाम रहने के बाद खुद को बचाने के लिए दोनों को जिंदा ही जला डाला। पुलिस की पूछताछ में आरोपियों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया।

पुलिस को आरोपियों ने ये भी बताया कि उन्होंने गगनदीप वर्मा के साथ शारीरिक संबंध बनाने उन्हे बेहोश किया लेकिन इसी बीच उसे होश हो गया। ऐसे में आरोपियों ने दूसरी बार फिर उसे क्लोरोफॉर्म सुंघा दिया। जिससे क्लोरोफॉर्म की मात्रा अधिक होने के वजह से गगनदीप फिर से बेसुध हो गई। तब आरोपियों को लगा कि वो मर गई है। इसे बाद दोनों आरोपियों ने अपनी वासना की आग बुझाने के लिए पंकज और नीरज घर की ऊपरी मंजिल पर बैठी गगनदीप की बेटी शिवनैनी की ओर भागे। जहां दोनों ने उसे भी पकड़ क्लोरोफॉर्म सुंघा दिया और दुष्कर्म करने की कोशिश की। उन्होंने बताया कि शिवनैनी पीरिएड से  थी और इस कारण उसे अपना शिकार न बना सके।

उसके बाद  उन्होंने क्लोरोफॉर्म लगे रूमाल को शिवनैनी के मुंह में ठूंस ऊपर से चुन्नी बांध दी। जिससे कि कुछ ही समय में ही शिवनैनी की दम घुटने से मौत हो गई। इसके बाद घर को पूरी तरह खंगालने के बाद जब दोनों आरोपी वहां से भागने लगे तो उन्होंने देखा कि गगनदीप की सांसें चल रही थीं। ऐसे में उन्होंने उस पर कपड़े डालकर जिंदा जला दिया और साथ ही सबूत मिटाने के लिए शिवनैनी को भी आग लगाकर भाग निकले।