नई दिल्ली: राजस्थान के श्रीगंगानगर में पाकिस्तान निवासी महिला ने एक बच्चे को जन्म दिया। वह भारत घूमने के लिए आई थी लेकिन कोरोना वायरस के वजह से लॉकडाउन के चलते वह यही फंस गई। वह पाकिस्तान जा रहे थे कि गर्भवति महिला को प्रसव पीड़ा होने लगी। इसके बाद उन्हें हॉस्पिटल लाया गया, जहां उन्होंने एक बच्चे को जन्म दिया।

अब आप सोच रहे होंगे कि तो इसमें क्या बड़ी बात है… महिला को भारत में मदद मिली, लोगों ने भारत-पाकिस्तान के बीच चल रहे मतभेद को पीछे छोड़ा.. और इंसानियत का परिचय दिया.. महिला ने भी इसे अपनी यादों में ताजा रखने के लिए बच्चे का नाम गंगा सिंह रख दिया।

महिला ने बस में दिया बच्चे को जन्म

जानकारी के मुताबिक पाकिस्तान के सिंध प्रांत के जयराम का परिवार भारत आया था। उन्हें पिछले साल ही पाकिस्तान लौटना था लेकिन कोरोना वायरस के चलते उन्हें गुजरात में ही रहना पड़ा। कुछ वक्त बाद परिवार वाघा बॉर्डर होते हुए पाकिस्तान जाना चाह रहा था। इस दौरान जयराम की पत्नी 32 वर्षीय रामादेवी गर्भवती थी।

यह परिवार श्रीगंगानगर होते हुए वाघा बॉर्डर की ओर जा रहा था। जनवरी 27 की रात को रास्ते में कैंचियां के पास महिला को प्रसव पीड़ा होने लगी। महिला ने बस में ही बच्चे को जन्म दे दिया था। इसके बाद बस को रोकवा कर 108 एम्बुलेंस को सूचना दी गई।

महिला रामादेवी को श्रीगंगानगर के राजकीय जिला अस्पताल लाया गय। बच्चे का वजन बेहद कम था तो उसे शिशु नर्सरी में रखा गया। महिला के परिवार को कई लोगों ने मदद की तो उसने अपने बच्चे का नाम गंगा सिंह रख दिया। उन्होंने कहा कि उन्हें कभी ऐसा नहीं लगा कि वह दूसरे देश में हैं। बता दें कि श्रीगंगानगर को बसाने वाले महाराज का नाम गंगा सिंह था। ऐसे में बच्चे का नाम उन्हीं को समर्पित बताया जा रहा है। रामादेवी का कहना है कि भारत में हर किसी ने यहां मेरी मदद की। मुझे लगा ही नहीं कि मैं घर से कोसों दूर, दूसरे देश में हूं। एकबारगी तो यूं लगा मानो जैसे सारे लोग मेरे अपने ही हों। यह कहते हुए खुशी से उनके आंसू बहने लगे।

पाकिस्तान वापस नहीं जा पाए

जयराम व उनकी पत्नी रामदेवी दो बच्चों व भाई और उनके परिवार सहित अगस्त 2019 को हरिद्वार तीर्थ करने आया था। फिर वे अपने रिश्तेदार के पास गुजरात चले गए। वह वहां पर मजदूरी करने लगे। इस बीच करोना संक्रमण की वजह से लोकडाउन लग गया। ऐसे में वे पाकिस्तान नहीं लौट पाए। इन सभी के पास लोंक टर्म वीजा था।

कैसे लौटेंगे पाकिस्तान

नवजात के पिता जयराम के अनुसार उसकी पत्नी और नवजात बच्चा बिल्कुल स्वस्थ हैं। जिला अस्पताल से बच्चे का जन्म सर्टिफिकेट बनने के बाद दिल्ली एम्बेसी में पासपोर्ट के लिए अप्लाई करेंगे और उसके बाद में पाकिस्तान के लिए रवाना होंगे। उन्होंने इस बारे में पाकिस्तान में सूचना दे दी है।

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